
सोमवार को कोटा में जेईई-मेन के एक 18 वर्षीय परीक्षार्थी ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, इंजीनियरिंग परीक्षार्थी ने कोटा में चलती ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जनवरी से अब तक कोटा में कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या का यह दसवां मामला है।
परीक्षा देने लखनऊ जाना था छात्र को
पुलिस उपाधीक्षक (जीआरपी-कोटा) शंकर लाल ने बताया कि कानपुर निवासी उज्ज्वल मिश्रा को लखनऊ में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा देने के लिए केंद्र आवंटित किया गया था। उसके पिता दीपक कुमार मिश्रा उसे और उसके सामान को वापस यूपी ले जाने के लिए सोमवार को कोटा पहुंचने वाले थे। उज्ज्वल कोटा के एक कोचिंग संस्थान में जेईई की तैयारी कर रहा था और राजीव गांधी नगर इलाके में एक छात्रावास में रहता था।
रेलवे ट्रैक पर दिया जान, सुसाइड नोट नहीं मिला
डीएसपी ने बताया कि रविवार को लड़का शाम करीब साढ़े छह बजे अपने छात्रावास से निकला और कोटा रेलवे स्टेशन पहुंचा। ट्रेन के पायलट के अनुसार, जब लड़के ने ट्रेन को आते देखा, तो वह पटरियों पर लेट गया और शाम करीब 7 बजे ट्रेन के नीचे आ गया। तेज गति के कारण पायलट ट्रेन को रोक नहीं सका। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
सहपाठी से आखिरी बातचीत, तैयारी को लेकर था तनाव
उज्ज्वल के पिता ने कहा कि उनका बेटा औसत छात्र था और उसने कभी अपनी परेशानी का जिक्र नहीं किया। रविवार शाम को उज्ज्वल ने अपने सहपाठी से बात की, जो उसके सामने वाले हॉस्टल में रहता था। उसने बताया कि वह 2 अप्रैल की परीक्षा के लिए अच्छी तरह से तैयार नहीं था।
दो साल से कर रहा था तैयारी
उज्ज्वल के पिता कृषि वैज्ञानिक हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा पिछले दो वर्षों से जेईई-मेन्स और एडवांस की तैयारी कर रहा था। उज्ज्वल की मां और छोटा भाई लखनऊ में रहते हैं। पुलिस ने सोमवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव को पिता को सौंप दिया और मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
कोटा में आत्महत्याओं का बढ़ता आंकड़ा
कोचिंग हब के रूप में मशहूर कोटा में इस साल आत्महत्या की यह दसवीं घटना है। जनवरी में ही छह कोचिंग छात्रों (पांच जेईई और एक नीट) ने आत्महत्या कर ली थी।
25 मार्च को बिहार के 17 वर्षीय मेडिकल छात्र हर्षराज शंकर ने हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस को वहां से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन बुक शेल्फ रैक पर “सॉरी” लिखा मिला था। 2024 में अब तक कोटा में 17 कोचिंग छात्रों ने आत्महत्या कर ली है, जबकि 2023 में यह संख्या 26 थी।




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