
जयपुर स्थित NAAC मान्यता प्राप्त निम्स यूनिवर्सिटी (Nims University) के माध्यम से भारत के शिक्षा और तकनीकी विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक क्षण जुड़ने वाला है। निम्स यूनिवर्सिटी 1 से 3 अप्रैल, 2025 के बीच NIMS AI-CON 2025 (निम्स एआई-कॉन 2025) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कॉन्फ्रेंस का आयोजन करने जा रही है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कॉन्फ्रेंस चेक इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेटिक्स, रोबोटिक्स, एंड साइबरनेटिक्स (CIIRC), चेक टेक्निकल यूनिवर्सिटी, प्राग के सहयोग से आयोजित होगी। कार्यक्रम में शीर्ष वैश्विक शोधकर्ता और वैज्ञानिक हिस्सा ले रहे हैं जो इस आयोजन में अपनी बात रखेंगे। इस सम्मलेन का मुख्य उद्देश्य AI के माध्यम से उद्योगों, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा और समाज के विभिन्न क्षेत्रों के भविष्य को नया रूप देना और भारत को वैश्विक AI हब के रूप में स्थापित करना है। साथ ही ग्लोबल एचआर कॉन्क्लेव भी इस तीन दिवसीय आयोजन का हिस्सा होगा जिसमें शीर्ष एचआर लीडर्स की शिरकत होगी जो इस कार्यक्रम में अपने विचार रखेंगे। इस कार्यक्रम की थीम ‘भविष्य के रोज़गार और रोज़गार का भविष्य’ है। 1 अप्रैल की शाम को बी प्राक की लाइव परफॉर्मेंस का लुत्फ़ भी उठाया जा सकता है।
सम्मेलन के प्रमुख विषय
इस कॉन्फ्रेंस में निम्नलिखित विषयों पर चर्चा होगी:
औद्योगिक AI: विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में AI-आधारित अनुकूलन
चिकित्सा AI: स्वास्थ्य सेवा में जीवनरक्षक AI एप्लिकेशन
रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी: आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों और AI समाधानों पर चर्चा
भविष्य की AI प्रवृत्तियाँ: डीप लर्निंग और रोबोटिक्स में नए इनोवेशन।
निम्स यूनिवर्सिटी की AI पहल
इस सम्मेलन के अलावा, निम्स यूनिवर्सिटी एक AI और रोबोटिक्स संस्थान की भी स्थापना करने जा रही है, जिसे यूरोपीय विश्वविद्यालयों के सहयोग से विकसित किया जाएगा। इस डेडिकेटेड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एवं साइबरनेटिक्स संस्थान का 1 अप्रैल को उद्घाटन किया जाएगा। यह संस्थान राइजिंग राजस्थान पहल के तहत राजस्थान सरकार और निम्स विवि के बीच हुए एमओयू का एक हिस्सा है। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिक, उद्योग जगत के दिग्गज, अधिकारी और शिक्षाविद् सम्मिलित होंगे।
इस संस्थान का उद्देश्य भारत में AI और रोबोटिक्स के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देना और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विशेषज्ञ तैयार करना है। साथ ही राजस्थान को डिजिटल नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का केंद्र बनाना है। संस्थान राजस्थान में पहली बार अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना कर रहा है, जिसमें प्रमुख रूप से एन- वीडिया की कंप्यूटिंग एवं AI चिप लैब, कूका (जर्मनी) की रोबोटिक्स लैब, सीमेंस जर्मनी की ऑटोमेशन लैब, कैप्टिक्स – कनाडा की ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब के साथ साथ 15 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, जिनमें 500 से अधिक हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटर होंगे।
निम्स चेयरमैन का बयान
निम्स यूनिवर्सिटी के अंतरराष्ट्रीय चेयरमैन प्रो. (डॉ.) बलवीर सिंह तोमर ने बताया कि “जैसे-जैसे AI हमारे जीवन के हर क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है, इसे योजनाबद्ध तरीके से अपनाने की आवश्यकता है। यह कॉन्फ्रेंस एक ऐसा मंच प्रदान करेगा जहां नवाचार, नेतृत्व और अनुसंधान एक साथ आएंगे ताकि विश्व की वर्तमान चुनौतियों के लिए प्रभावी समाधान विकसित किए जा सकें”।
भारत में AI के विकास की दिशा में एक अहम कदम
यह कॉन्फ्रेंस और AI संस्थान राजस्थान को वैश्विक AI इनोवेशन सेंटर के रूप में उभरने में मदद करेंगे। साथ ही, भारत के तकनीकी और अनुसंधान क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है।
यह आयोजन AI में रुचि रखने वाले छात्रों, शोधकर्ताओं, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं के लिए एक सुनहरा अवसर होगा, जहां वे नए विचारों और शोधों को साझा कर सकेंगे।




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