
ईएसी-पीएम सदस्य संजीव सान्याल को बृहस्पतिवार को पुणे स्थित ‘गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स’ (जीआईपीई) के चांसलर पद से हटा दिया गया। प्रतिष्ठित संस्थान का प्रबंधन करने वाली ‘सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी’ (एसआईआई) के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
एसआईआई के अध्यक्ष दामोदर साहू द्वारा जारी नियुक्ति पत्र के अनुसार, बंबई उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एस.सी. धर्माधिकारी सान्याल का स्थान लेंगे।
पत्र में साहू ने संस्थान की साख में ‘‘गिरावट’’ का हवाला दिया है, क्योंकि जीआईपीई को एनएएसी मान्यता में ‘बी’ ग्रेड मिला है। इसमें यह भी कहा गया कि चांसलर के रूप में सान्याल ने संस्थान के लिए कोई ‘‘ठोस कार्ययोजना’’ पेश नहीं की।
साहू के पत्र में कहा गया है, “इसलिए हमारा विचार है कि हम एक सक्षम चांसलर की नियुक्ति करेंगे, जो संस्थान को उसकी पूर्व प्रतिष्ठा दिलाने में योगदान देगा।”
पिछले साल सितंबर में जाने-माने अर्थशास्त्री बिबेक देबरॉय के जीआईपीई के चांसलर पद से इस्तीफा देने के बाद, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के सदस्य सान्याल को इस पद पर नियुक्त किया गया था।
अब उनकी जगह पूर्व हाईकोर्ट जज एस.सी. धर्माधिकारी को जीआईपीई का नया चांसलर बनाया गया है।




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