
गोवा ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव करते हुए पहली बार शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत अप्रैल महीने में की है, जो अब तक परंपरागत रूप से जून में शुरू होता था। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश छात्र इस नई व्यवस्था से संतुष्ट हैं, हालांकि कुछ छात्रों ने गर्मी के मौसम को लेकर असुविधा जताई है।
सोमवार को जब कक्षाएं शुरू हुईं, तो राज्य के स्कूलों में लगभग 90 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जो नई व्यवस्था के प्रति सकारात्मक रुख को दर्शाती है।
सोमवार से छठी से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू
राज्य शिक्षा सचिव प्रसाद लोलिएनकर ने राजधानी पणजी के विभिन्न स्कूलों का दौरा किया और विद्यार्थियों की उपस्थिति और प्रतिक्रिया का मूल्यांकन किया। उन्होंने कहा, “हम यह जानना चाहते थे कि क्या छात्र इस बदलाव से असहज हैं। लेकिन हमें यह देखकर खुशी हुई कि छात्रों की उपस्थिति 90 प्रतिशत रही, और कुछ स्कूलों ने तो 100 प्रतिशत उपस्थिति भी दर्ज की। सभी छात्र स्वेच्छा से आए हैं।”
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत लिया गया फैसला
यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत किया गया है, जिसके तहत शिक्षा प्रणाली को अधिक संगठित और आधुनिक बनाने की कोशिश की जा रही है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गोवा में कक्षा 5 से 12 तक कुल 2,153 स्कूल संचालित हैं।
शिक्षा सचिव ने बताया कि छात्रों से मिली फीडबैक के अनुसार, 80 प्रतिशत छात्र नए समय से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र से संतुष्ट हैं




Add comment