
एनसीपी (एसपी) अध्यक्ष शरद पवार ने सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों की मांग का समर्थन किया है। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा दो वर्षों के अंतराल के बाद संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा (JPE) का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की मांग है कि रिक्तियों की संख्या बढ़ाई जाए। शरद पवार ने इस मांग का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया है कि वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष यह मुद्दा उठाएंगे।
पवार ने मंगलवार को संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी शिकायतों को सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
सितंबर में संभावित परीक्षा, अभ्यर्थी कर रहे रिक्तियों में वृद्धि की मांग
संयुक्त प्रारंभिक परीक्षा (JPE) महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित की जाती है, जिसमें पुलिस उपनिरीक्षक (PSI), राज्य कर निरीक्षक (STI) और सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO) सहित विभिन्न पदों पर नियुक्ति की जाती है। इस वर्ष यह परीक्षा सितंबर में संभावित है।
शरद पवार ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर कहा, “यह परीक्षा दो वर्षों बाद आयोजित की जा रही है, परंतु केवल 480 रिक्तियों को अधिसूचित किया गया है जो पर्याप्त नहीं हैं। यदि आयोग द्वारा आयु सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, तो इसका लाभ इन उम्मीदवारों को मिलना चाहिए।”
उन्होंने आगे कहा, “सरकार और आयोग को रिक्तियों की संख्या बढ़ाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि कई पद अभी भी खाली हैं।”
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अनुरोध किया कि उम्मीदवारों को राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2024 की तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। पवार ने बताया, “जब मैंने दो दिन पहले आयोग के अध्यक्ष से बात की, तो उन्होंने 15 अप्रैल को छात्रों का प्रतिनिधिमंडल बुलाया था, लेकिन किसी कारणवश वह बैठक नहीं हो सकी।”
उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को उम्मीदवारों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।




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