
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 22 अप्रैल 2025 को सिविल सेवा परीक्षा 2024 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। इस प्रतिष्ठित परीक्षा में प्रयागराज की शक्ति दुबे ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल कर न केवल अपने शहर, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।
इस वर्ष कुल 1,009 उम्मीदवारों का चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं (ग्रुप A और B) के लिए किया गया है। चयनित उम्मीदवारों में 335 सामान्य वर्ग, 109 आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), 318 अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 160 अनुसूचित जाति (SC), 87 अनुसूचित जनजाति (ST) और 45 दिव्यांग (PwBD) श्रेणी से हैं।
शक्ति दुबे ने परीक्षा में टॉप किया, जबकि हर्षिता गोयल ने दूसरा और डोंगरे अर्चित पराग ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। शीर्ष 10 में शामिल अन्य उम्मीदवार हैं: शाह मार्गी चिराग (4), आकाश गर्ग (5), कोमल पुनिया (6), आयुषी बंसल (7), राज कृष्ण झा (8), आदित्य विक्रम अग्रवाल (9) और मयंक त्रिपाठी (10)। परीक्षा में कुल 1,132 रिक्तियों के मुकाबले ये चयन हुए हैं, जबकि 241 उम्मीदवारों के परिणाम अस्थायी रूप से घोषित किए गए हैं।
इसके अलावा, यूपीएससी ने 230 उम्मीदवारों की एक रिजर्व लिस्ट भी जारी की है, जिसमें 115 सामान्य, 35 EWS, 59 OBC, 14 SC, 6 ST और 1 PwBD उम्मीदवार शामिल हैं।
सिविल सेवा परीक्षा 2024 के तीन चरण हुए थे। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 की प्रारंभिक परीक्षा 16 जून 2024 को, मुख्य परीक्षा 20-29 सितंबर 2024 को और साक्षात्कार (पर्सनैलिटी टेस्ट) 7 जनवरी से 17 अप्रैल 2025 तक आयोजित हुए।
करीब 5-6 लाख उम्मीदवारों ने प्रारंभिक परीक्षा दी थी, जिनमें से 2,845 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार तक पहुंचे।
शक्ति दुबे की सफलता की कहानी
शक्ति दुबे ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से स्नातक और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से बायोकैमेस्ट्री में M.Sc. किया है। उन्होंने 2018 में अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद सिविल सेवा की तैयारी शुरू की थी। आज उनकी मेहनत, लगन और धैर्य ने उन्हें देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा में पहला स्थान दिलाया है।
उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनका परिवार और शहर गर्वित हुआ है, बल्कि वे लाखों यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गई हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें देशभर से बधाइयाँ मिल रही हैं।




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