
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा 26,000 शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद यह मामला और तूल पकड़ चुका है। इन नियुक्तियों को रद्द किए जाने के बाद अब ये सभी कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। इस फैसले के खिलाफ कोलकाता में विरोध-प्रदर्शन तेज हो गया है, जहां शिक्षक लगातार पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (WBSSC) के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
ममता बनर्जी का आश्वासन: “स्कूल लौटिए, सरकार देगी वेतन”
इस बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आंदोलन कर रहे शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि वेतन की चिंता न करें, राज्य सरकार इसका प्रबंध करेगी। कोलकाता के साल्ट लेक में प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों को संबोधित करते हुए ममता ने कहा, “कौन दागी है और कौन नहीं, इसकी पूरी जानकारी सरकार और अदालतों के पास है। आप स्कूल लौटें, आपकी सैलरी का इंतजाम सरकार करेगी।”
उन्होंने कहा कि “हम आपकी नौकरी और वेतन को सुरक्षित रखने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं। कृपया स्कूलों में लौटकर अपनी कक्षाएं शुरू करें। हमने इस मुद्दे पर गंभीरता से बात की है और हम आपके साथ हैं।”
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को रखा बरकरार
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें अप्रैल 2024 में 25,000 से अधिक शिक्षकों और कर्मचारियों की नियुक्तियां रद्द कर दी गई थीं। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि तीन महीने के भीतर नई चयन प्रक्रिया पूरी की जाए।
यह विवाद 2016 में शुरू हुआ था, जब राज्य-सहायता प्राप्त स्कूलों में 25 हजार से अधिक पदों पर भर्ती के लिए 23 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी। आरोप था कि कई उम्मीदवारों को OMR शीट की गलत जांच के आधार पर नौकरी मिल गई।
CBI जांच और पुनर्मूल्यांकन का आदेश
हाईकोर्ट ने यह पाया था कि करोड़ों उत्तर पुस्तिकाओं में से किनका सही मूल्यांकन हुआ, इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं था। इस वजह से कोर्ट ने सभी OMR शीट का पुनर्मूल्यांकन करने और मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी हाईकोर्ट के इसी आदेश को पूरी तरह से सही ठहराया।
ग्रुप C और D कर्मचारियों के लिए पुनर्विचार याचिका दायर होगी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि जिन कर्मचारियों की नौकरियां गई हैं, खासकर ग्रुप C और D के कर्मचारियों के लिए पुनर्विचार याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जाएगी। उन्होंने अपील की कि शिक्षक सरकार पर भरोसा बनाए रखें।
पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां एक ओर सुप्रीम कोर्ट का फैसला साफ है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार इस फैसले के दायरे में आए शिक्षकों को राहत देने के प्रयास में लगी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नई चयन प्रक्रिया कितनी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूरी होती है।




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