
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनसीईआरटी को निर्देश दिया है कि वह कक्षा 1 से 12वीं तक की पुस्तकों में सड़क सुरक्षा पर ऑडियो-विजुअल मॉड्यूल शामिल करे। उनका कहना है कि यह मॉड्यूल छात्रों की आयु और कक्षा के अनुसार तैयार किए जाएं, ताकि उन्हें यातायात नियमों की समझ और जागरूकता बचपन से ही दी जा सके।
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा, “सड़क सुरक्षा कोई वैकल्पिक विषय नहीं हो सकता। मैं शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी को निर्देश दे रहा हूं कि वे कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए सड़क सुरक्षा पर ऑडियो-विजुअल सामग्री तैयार करें।”
उनके अनुसार, भारत के स्कूलों में करीब 25 करोड़ छात्र पढ़ते हैं और इस प्रकार यह कदम बड़े पैमाने पर सड़क सुरक्षा संस्कृति विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास होगा। प्रधान ने यह भी सुझाव दिया कि इस मॉड्यूल को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एक वैकल्पिक विषय के रूप में पेश किया जाए। साथ ही, उन्होंने स्कूल पाठ्यक्रम में ऊर्जा संरक्षण जागरूकता को भी शामिल करने की बात कही।
हर साल होती हैं लाखों सड़क दुर्घटनाएं: गडकरी
इसी कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि भारत में हर साल 5 लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जिनमें लगभग 1.8 लाख लोगों की मृत्यु और 3 लाख से अधिक लोग घायल होते हैं।
गडकरी ने विशेष चिंता जताते हुए कहा कि इन दुर्घटनाओं में करीब 10,000 मौतें 18 साल से कम उम्र के बच्चों की होती हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने एक नई योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों की मदद करने वालों को ₹25,000 का इनाम देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, यदि कोई घायल व्यक्ति अस्पताल में भर्ती होता है तो दुर्घटना की तारीख से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
सड़क सुरक्षा की आदतें बचपन से जरूरी
गडकरी ने यह भी कहा कि सुरक्षा नियमों की शिक्षा बचपन से दी जानी चाहिए, जैसे कि वाहन में पीछे बैठने वालों के लिए भी सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने माता-पिता को गाड़ी चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने की सलाह दें और सड़कों पर जिम्मेदार व्यवहार को बढ़ावा दें।
यह पहल छात्रों में न सिर्फ सुरक्षित यातायात व्यवहार को बढ़ावा देगी, बल्कि देश में सड़क सुरक्षा संस्कृति के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम भी होगी।




Add comment