
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 2025 की प्रारंभिक परीक्षा रद्द नहीं होगी। सुप्रीम कोर्ट ने बीपीएससी परीक्षा में कथित पेपर लीक को लेकर दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है और इस दौरान एक महत्वपूर्ण टिप्पणी भी की है। अदालत ने कहा कि अब हर परीक्षा को चुनौती दी जा रही है, जिससे भर्ती प्रक्रियाएं ठप हो गई हैं।
यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने की। याचिका खारिज करते हुए बेंच ने कहा, “आप जब इस अदालत में बैठते हैं, तो लगता है मानो देश में परीक्षाएं खत्म ही नहीं हो रही हैं क्योंकि हर एक को चुनौती दी जा रही है। कोई भर्ती आगे नहीं बढ़ रही। लोग एक-दूसरे की असुरक्षा का लाभ उठा रहे हैं।”
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अंजना प्रकाश और कॉलिन गोंसाल्विस ने दावा किया कि परीक्षा से पहले पेपर लीक हो गया था और कुछ परीक्षा केंद्रों पर लाउडस्पीकर के जरिए उत्तर बताए गए, जिनके वीडियो भी सामने आए हैं। लेकिन कोर्ट ने इन डिजिटल सबूतों की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन केंद्रों पर गड़बड़ी की बात कही गई, उनमें से प्रमुख ‘बापू परीक्षा परिसर’ में पहले ही दोबारा परीक्षा कराई जा चुकी है।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता मुख्य परीक्षा अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी। बीपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर 2024 को हुई थी, जिसके बाद कथित अनियमितताओं को लेकर कई याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में जांच की मांग और एक विशेष जांच बोर्ड के गठन की मांग की गई थी।




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