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न्यूयॉर्क के स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर लगेगी रोक, ‘बेल-टू-बेल’ प्रतिबंध को हरी झंडी

न्यूयॉर्क राज्य ने एक नए समझौते के तहत फैसला लिया है कि आने वाले स्कूल सत्र से पब्लिक स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन का इस्तेमाल स्कूल टाइम के दौरान पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसे “बेल टू बेल” प्रतिबंध कहा गया है, यानी स्कूल शुरू होने की घंटी से लेकर अंतिम घंटी तक मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे।

राज्य की गवर्नर कैथी होचुल ने बजट समझौते के दौरान इस योजना की घोषणा की। उन्होंने कहा, “हमने पहले बच्चों को सिगरेट, शराब और नशे में गाड़ी चलाने से बचाया है। अब हमें उन्हें उस तकनीक से भी बचाना होगा जो उन्हें लत लगाने और ध्यान भटकाने के लिए डिजाइन की गई है।”

डेमोक्रेट गवर्नर होचुल ने फिलहाल इस प्रतिबंध को लागू करने की पूरी योजना साझा नहीं की है। उनके कार्यालय के अनुसार, स्कूलों को इसे लागू करने की प्रक्रिया में कुछ हद तक स्वतंत्रता दी जाएगी। यानी अलग-अलग स्कूल जिले यह तय कर सकेंगे कि स्कूल टाइम में छात्रों के फोन को कैसे रखा जाए या नियंत्रित किया जाए।

इसके अलावा, कुछ छात्रों को विशेष परिस्थितियों में छूट भी दी जा सकती है—जैसे वे छात्र जिन्हें मेडिकल जरूरतें हैं, जिन्हें सीखने में कठिनाई होती है, या जो अंग्रेजी भाषा में पूरी तरह से सहज नहीं हैं।

यदि यह प्रस्ताव पास हो जाता है, तो न्यूयॉर्क उन कम से कम आठ अन्य राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा—जिनमें कैलिफोर्निया, फ्लोरिडा, इंडियाना, लुइसियाना, मिनेसोटा, ओहियो, साउथ कैरोलिना और वर्जीनिया शामिल हैं—जिन्होंने स्कूलों में छात्रों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई है।

हालांकि कई स्कूल पहले से ही शैक्षणिक उद्देश्यों को छोड़कर मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर रोक लगाते हैं, शिक्षक मानते हैं कि जब छात्रों को लंच ब्रेक या हॉलवे में फोन इस्तेमाल की छूट दी जाती है, तो नियमों को सख्ती से लागू करना मुश्किल हो जाता है।

गवर्नर होचुल के प्रस्तावित “बेल टू बेल” प्रतिबंध का मकसद स्कूल के समय में छात्रों का ध्यान पूरी तरह पढ़ाई पर केंद्रित रखना है। लेकिन कई माता-पिता इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि वे आपातकाल की स्थिति में अपने बच्चों से संपर्क बनाए रखने की जरूरत महसूस करते हैं।

उल्लेखनीय है कि न्यूयॉर्क शहर, जो अमेरिका का सबसे बड़ा स्कूल जिला है, ने पिछले साल इसी तरह के प्रस्ताव पर माता-पिता की चिंताओं के कारण चर्चा ही छोड़ दी थी।

इस सप्ताह राज्य विधानसभा में $254 बिलियन के बजट पर वोटिंग शुरू होने की संभावना है, जिसमें यह प्रस्ताव भी शामिल है।

Asmita Sarkar

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