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Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने भारत के नवाचार क्षेत्र की गिनाई कमियां, टिप्पणी पर छिड़ गई बहस 

Zoho के अरबपति संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने भारत के नवाचार तंत्र को लेकर एक तीखी बहस छेड़ दी है। हाल ही में X (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किए गए एक पोस्ट में उन्होंने नवाचार को चार प्रमुख श्रेणियों—प्रक्रिया, उत्पाद, तकनीक और विज्ञान—में बांटते हुए भारत की प्रगति का विश्लेषण प्रस्तुत किया।

प्रक्रिया नवाचार (Process Innovation): भारत की मजबूत पकड़
वेम्बू ने भारतीय उद्योगों को प्रक्रिया नवाचार में 70% अंक दिए और इसे एक सराहनीय प्रदर्शन बताया। उन्होंने एयरलाइंस, अस्पतालों, खुदरा और वित्तीय सेवाओं जैसे क्षेत्रों में कुशलता को रेखांकित किया।

उत्पाद नवाचार (Product Innovation): अभी भी सुधार की आवश्यकता
उत्पाद नवाचार के क्षेत्र में उन्होंने भारत को केवल 35% अंक दिए, जो बमुश्किल पासिंग ग्रेड है। उन्होंने UPI जैसी पहलों की सराहना की, लेकिन यह भी कहा कि हमें ऐसे विज़नरी इनोवेटर्स की आवश्यकता है जो वास्तव में क्रांतिकारी उत्पाद बना सकें।

तकनीकी नवाचार (Technology Innovation): छूट गया एक बड़ा अवसर
तकनीकी नवाचार पर वेम्बू ने कोई अंक नहीं दिए। उन्होंने भारत से प्रतिभाओं के विदेश पलायन (Brain Drain) को एक बड़ी बाधा बताया। उनके अनुसार जब तक देश में बड़े तकनीकी प्रोजेक्ट और प्रतिभाओं को बढ़ावा देने वाली नीति नहीं बनती, तब तक भारत अपनी तकनीकी संभावनाओं को खो सकता है।

वैज्ञानिक प्रगति (Scientific Breakthroughs): अभी परीक्षा में बैठे ही नहीं
इस श्रेणी पर वेम्बू ने कहा, “हम तो अभी परीक्षा में बैठे ही नहीं हैं।” उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि भारत में बड़े वैज्ञानिक आविष्कारों का अभाव है। उन्होंने कहा कि देश को युवा वैज्ञानिकों की एक मजबूत टीम तैयार करनी चाहिए और उन्हें पर्याप्त फंडिंग भी मिलनी चाहिए।

उनकी इस पोस्ट ने भारत के नवाचार क्षेत्र की चुनौतियों और अवसरों को लेकर एक बड़ी चर्चा को जन्म दिया।

एक यूज़र ने टिप्पणी की, “भारत में नवाचार को अमेरिका और जर्मनी जैसी नीतिगत संरचनाओं की आवश्यकता है। हमारे पास CSIR, ICAR, और ICMR जैसी संस्थाएं हैं, लेकिन वे उपभोक्ता की वास्तविक समस्याओं को समझने और उद्योग से जुड़ने में नाकाम रहती हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “सार्वजनिक अनुसंधान संस्थानों को अपनी विशेषज्ञता के अनुसार बड़े कॉर्पोरेट्स और MSMEs के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि वे बाजार की आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझ सकें और स्थायी टेक्नोलॉजी, उत्पादों और सेवाओं का नवाचार कर सकें।”

Asmita Sarkar

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