
राजस्थान पुलिस ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले छात्रों और उनके परिवारों को NEET UG 2025 से जुड़ी साइबर धोखाधड़ी को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि कुछ साइबर अपराधी टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी पेपर लीक का दावा कर छात्रों से मोटी रकम वसूलने की कोशिश कर रहे हैं।
राज्य के पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध), हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि धोखेबाज खुद को भरोसेमंद बताकर छात्रों को यह यकीन दिलाते हैं कि NEET का प्रश्नपत्र लीक हो चुका है, जिसे एक तय राशि देकर खरीदा जा सकता है। एक ऐसे ही टेलीग्राम चैनल “NEET PG Leak Materials” का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि इसके करीब 20,600 सदस्य हैं और यहाँ छात्रों से ₹50,000 से ₹70,000 तक की मांग की जा रही है।
सरकारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि NEET परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से सुरक्षित और गोपनीय है, और पेपर लीक की कोई संभावना नहीं है।
राजस्थान पुलिस ने जारी की ये अहम सलाह
राजस्थान पुलिस ने परीक्षार्थियों और उनके परिवारों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति से अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे रोल नंबर, बैंक खाते की जानकारी या कोई अन्य संवेदनशील डेटा साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि जैसे फर्जी लिंक, टेलीग्राम ग्रुप, स्क्रीनशॉट या बैंक विवरण सामने आए, तो उसे तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने में रिपोर्ट करें।
इसके अलावा, छात्रों को चेतावनी दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत स्रोत से नीट प्रश्नपत्र प्राप्त करने की कोशिश न करें, क्योंकि यह न केवल अवैध है, बल्कि उनके करियर के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
पुलिस का यह कदम छात्रों को झांसे में आने से बचाने और परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखने की दिशा में एक अहम प्रयास है।




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