
यूनाइटेड किंगडम (UK) की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क, जो रसेल ग्रुप की सदस्य और रिसर्च के क्षेत्र में अग्रणी मानी जाती है, अब भारत में अपना कैंपस खोलने जा रही है। यह नया कैंपस मुंबई में स्थापित किया जाएगा और इसमें पहला शैक्षणिक सत्र वर्ष 2026 से शुरू होगा। शुक्रवार को अधिकारियों ने इसकी औपचारिक घोषणा की।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से हुई चर्चा, हुआ एमओयू
यूनिवर्सिटी के कुलपति चार्ली जेफरी ने मुंबई में आयोजित WAVES सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस योजना पर विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के साथ एक आधिकारिक समझौता (MoU) भी किया गया, जिससे कैंपस स्थापना की राह प्रशस्त हुई।
इनोवेटिव कोर्स, बेहतर रोजगार के अवसर
मुंबई कैंपस में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट स्तर पर कोर्सेज उपलब्ध होंगे, जिनमें कंप्यूटर साइंस (विशेषकर एआई और साइबर सुरक्षा), बिजनेस, इकनॉमिक्स और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। ये पाठ्यक्रम उद्योग विशेषज्ञों की सलाह से तैयार किए जाएंगे, जिससे छात्रों को रोजगार की बेहतर संभावनाएं मिलेंगी।
कुलपति जेफरी ने बताया, “यॉर्क यूनिवर्सिटी यूके की उन शीर्ष चार यूनिवर्सिटीज़ में शामिल है जिन्हें रिसर्च गुणवत्ता के लिए उच्च रैंकिंग और टीचिंग क्वालिटी के लिए गोल्ड रेटिंग मिली है। भारत में हम डिजिटल टेक्नोलॉजी, क्रिएटिव इंडस्ट्री और एआई के क्षेत्र में रिसर्च और शिक्षा के नए अवसर बनाने को लेकर उत्साहित हैं।”
विश्वस्तरीय शिक्षा भारत में
प्रारंभ में यह कैंपस मुंबई के एक प्रमुख व्यावसायिक इलाके में खोला जाएगा और भविष्य में एक अत्याधुनिक परिसर का निर्माण किया जाएगा। यहां पढ़ाई का स्तर यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क जैसा ही होगा और डिग्रियां भी उसी के नाम से प्रदान की जाएंगी, जिससे भारतीय छात्रों को अपने देश में ही अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता की शिक्षा मिल सकेगी।
भारत में बढ़ रही है विदेशी यूनिवर्सिटीज़ की भागीदारी
2023 में यूजीसी ने विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों को भारत में कैंपस खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इसके तहत यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन (UK) भी जल्द ही भारत में कैंपस शुरू करने वाली है। वहीं ऑस्ट्रेलिया की डीकिन और वोलोंगोंग यूनिवर्सिटीज़ पहले ही गुजरात की GIFT सिटी में कैंपस खोल चुकी हैं। क्वीन्स यूनिवर्सिटी बेलफास्ट और कोवेंट्री यूनिवर्सिटी को भी वहां कैंपस खोलने की अनुमति मिल चुकी है। हालांकि अभी तक किसी अमेरिकी यूनिवर्सिटी ने भारत में अपना कैंपस शुरू नहीं किया है।




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