
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (केआईआईटी), भुवनेश्वर में छात्रों की आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय तथ्य-जांच समिति गठित की है। शुक्रवार को अधिकारियों ने बताया कि यह समिति संस्थान में हुई हालिया आत्महत्या की घटनाओं की तह तक जाएगी और ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय सुझाएगी।
10 दिनों में देनी होगी रिपोर्ट
समिति का गठन एक 20 वर्षीय नेपाली छात्रा प्रिसा साह की हॉस्टल में संदिग्ध आत्महत्या के बाद किया गया है। इससे पहले 16 फरवरी को भी नेपाली छात्रा प्रकृति लामसाल की आत्महत्या की घटना सामने आई थी। समिति की अध्यक्षता इग्नू के पूर्व कुलपति प्रोफेसर नागेश्वर राव कर रहे हैं। यूजीसी सचिव मनीष जोशी ने बताया कि समिति को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।
नेपाल सरकार ने जताई चिंता
नेपाली छात्रों की सुरक्षा को लेकर नेपाल सरकार ने भी कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता दिखाई है। नेपाल की विदेश मंत्री आरज़ू राणा देउबा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना पर गहरा दुख जताया और जांच की मांग की। उन्होंने लिखा, “भारत के ओडिशा में केआईआईटी में पढ़ने वाली नेपाली छात्रा प्रिसा साह की मृत्यु की खबर अत्यंत दुखद है। मैं उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं और न्याय की उम्मीद करती हूं।”




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