
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी एल्बानीज ने शुक्रवार को संसद भवन में अपनी सरकार के सहयोगी सांसदों से कहा कि छात्र ऋण में कटौती उनकी सरकार की शीर्ष विधायी प्राथमिकता होगी। हाल ही में दोबारा सत्ता में आई केंद्र-वामपंथी लेबर पार्टी के नेता एल्बानीज ने यह बयान पार्टी की स्पष्ट चुनावी जीत के बाद पहली बार सांसदों को संबोधित करते हुए दिया।
एल्बानीज ने कहा कि जुलाई के अंत में जब संसद दोबारा बैठेगी, तो छात्र ऋण को 20% तक कम करने का बिल सबसे पहले पेश किया जाएगा।
इस बार का आम चुनाव ऐतिहासिक रहा, क्योंकि ऑस्ट्रेलियाई इतिहास में पहली बार युवा मतदाताओं की संख्या ‘बेबी बूमर’ पीढ़ी से अधिक रही। यही नहीं, चुनाव में एक अहम मुद्दा यह भी था कि बड़ी संख्या में युवा ऑस्ट्रेलियाई — विशेषकर वे जो छात्र ऋण के बोझ से जूझ रहे हैं — बढ़ती रियल एस्टेट कीमतों और नए आवास की कमी के कारण अपना पहला घर नहीं खरीद पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री एल्बानीज ने कहा, “यह सिर्फ आर्थिक रूप से नहीं, बल्कि पीढ़ियों के बीच समानता (Intergenerational Equity) की हमारी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है।”
गौरतलब है कि ‘बेबी बूमर’ शब्द आमतौर पर उन लोगों के लिए इस्तेमाल होता है जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से 1964 तक जन्मे हैं, और अब तक ऑस्ट्रेलियाई चुनावों में उनकी जरूरतें राजनीतिक केंद्र में रही हैं। मगर इस बार के चुनाव परिणामों ने संकेत दिया है कि नई पीढ़ी की आवाज अब पहले से कहीं ज्यादा प्रभावशाली हो गई है।




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