
अमेरिका में पढ़ रहे अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए गर्मी की छुट्टियां अब सुकून का समय नहीं रह गईं, बल्कि यह चिंता और अनिश्चितता का विषय बन गई हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सैन डिएगो में पीएचडी कर रहे एक छात्र ने हाल ही में हवाई यात्रा की योजना बनाई थी, लेकिन वीजा टर्मिनेशन और कानूनी स्थिति की समाप्ति की खबरों के चलते उन्होंने अपनी योजना रद्द कर दी।
उन्होंने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “मैं सरकार से जितना कम संपर्क करूं, उतना ही बेहतर है।” यह भावना अब पूरे अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों में फैल रही है—चाहे वे अपने देश लौटना चाहें, रिसर्च के लिए बाहर जाना हो या सिर्फ छुट्टियां बितानी हों।
कानूनी स्थिति पर खतरा और प्रशासन की चेतावनी
ट्रंप प्रशासन की सख्त नीतियों के कारण हाल ही में कई अंतरराष्ट्रीय छात्रों की कानूनी स्थिति अचानक समाप्त कर दी गई। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले ने अपने छात्रों को चेतावनी दी है कि अंतरराष्ट्रीय यात्रा अब “सख्त जांच और प्रवर्तन” के कारण जोखिम भरी हो सकती है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च के अंत से अब तक अमेरिका की 187 यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के 1,220 से अधिक छात्रों की वीजा स्थिति रद्द की जा चुकी है। लेकिन इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) द्वारा 10 अप्रैल को कांग्रेस को दी गई जानकारी के मुताबिक, यह संख्या 4,736 तक पहुंच चुकी है।
डिपोर्टेशन का डर और छिपने की मजबूरी
इस स्थिति ने कई छात्रों को डरा दिया है। कुछ छात्र देश छोड़कर चले गए हैं, तो कुछ छिपने को मजबूर हैं। कई छात्रों का कहना है कि वीजा रद्द होने की वजह उन्हें समझ ही नहीं आई—कभी मामूली गलती के कारण तो कभी बिना सूचना के स्थिति समाप्त हो गई। हालांकि कुछ मामलों में अदालत के हस्तक्षेप से राहत मिली है, लेकिन साथ ही सरकार ने ऐसे नए नियम लागू किए हैं जिससे भविष्य में छात्रों की कानूनी स्थिति और आसानी से समाप्त की जा सकती है।
अब यदि किसी छात्र का वीजा रद्द हो जाता है, तो वह अमेरिका में रह तो सकता है, लेकिन देश छोड़ने पर दोबारा प्रवेश नहीं कर पाएगा।
कॉलेज प्रशासन और वकीलों की चिंता
मिशिगन के एक कॉलेज अधिकारी ने बताया कि अब छात्र लगातार पूछते हैं कि क्या उन्हें गर्मियों में यात्रा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “हर सवाल का जवाब देना अब मुश्किल हो गया है।”
नॉर्थ कैरोलिना के इमिग्रेशन वकील ऋषि ओजा ने कहा, “हम हर दिन यात्रा से जुड़े सवालों का सामना कर रहे हैं। यह चिंता की बात है कि छात्र डरे हुए हैं कि अगर वे गए तो क्या वापस लौट पाएंगे।” छात्रों को सलाह दी जा रही है कि यात्रा के समय अपने इमिग्रेशन दस्तावेज, कॉलेज ट्रांसक्रिप्ट और कोर्ट से संबंधित दस्तावेज साथ रखें।
“मुझे डर है कि शायद मैं लौट न पाऊं”
यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनॉय के एक छात्र ने बताया कि उन्होंने एशिया में अपने घर जाने के लिए टिकट खरीदा है, लेकिन मन में डर बना हुआ है। उन्होंने कहा, “मुझे डर है कि शायद मैं लौट ही न पाऊं।”




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