
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की 1022वीं अकादमिक परिषद की बैठक में अनेक शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णयों को मंजूरी दी गई। स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) में अब छात्र विदेशी भाषाओं जैसे चीनी, फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश, कोरियाई और पुर्तगाली का सर्टिफिकेट और डिप्लोमा पाठ्यक्रम पढ़ सकेंगे। ये पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2025-26 से शुरू होंगे और हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन + ऑनलाइन) में संचालित किए जाएंगे। परीक्षाएं केवल ऑफलाइन होंगी और डिग्री डीयू से ही प्रदान की जाएगी।
नई शैक्षणिक पहल और पाठ्यक्रम
SOL में नए डिग्री कोर्स: एमबीए इन हेल्थ केयर, एमए साइकोलॉजी और बीएससी कंप्यूटर साइंस।
विदेशी भाषाएं: SOL के साथ-साथ रामजस कॉलेज में जापानी भाषा में एक वर्षीय एडवांस डिप्लोमा शुरू किया जाएगा।
कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (SEC):
इलेक्ट्रॉनिक्स डोमेन: रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन, इंट्रोडक्शन टू IoT।
कंप्यूटर साइंस डोमेन: लो-कोड नो-कोड डेवलपमेंट।
लाइफ साइंस डोमेन: बायोमेडिकल साइंसेज़ में फॉरेंसिक एनालिसिस ऑफ बायोलॉजिकल एविडेंस, फॉरेंसिक टॉक्सिकोलॉजी, क्वेश्चन्ड डॉक्यूमेंट एग्ज़ामिनेशन और इंजुरी एंड डेथ।
यूजीसीएफ 2022 के तहत पाठ्यक्रमों में संशोधन
विभिन्न विभागों के पाठ्यक्रमों में फारसी, अरबी और उर्दू की सामग्री का अंग्रेज़ी अनुवाद शामिल करने को मंजूरी मिली।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को विश्वविद्यालय का समर्थन
बैठक में ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया कि डीयू संकट की घड़ी में भारत सरकार को हरसंभव सहयोग देगा। कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय सरकार के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
स्थायी नियुक्तियों पर ज़ोर
कुलपति ने कॉलेजों के प्राचार्यों को निर्देश दिया कि गेस्ट फैकल्टी की जगह स्थायी नियुक्तियों को प्राथमिकता दें। खाली पदों पर जल्द विज्ञापन निकालने और साल में कम से कम एक-दो बार नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए। कुलपति ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली सरकार के अधीन 12 कॉलेजों में नियुक्तियों के लिए बातचीत चल रही है और सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आ सकते हैं।




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