
केंद्र सरकार ने नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (NRA) को आधार (Aadhaar) आधारित पहचान सत्यापन की स्वैच्छिक अनुमति दी है। यह अनुमति सरकारी नौकरियों के उम्मीदवारों, परीक्षा से जुड़े अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए दी गई है।
एनआरए क्या है?
एनआरए एक बहु-एजेंसी निकाय है जिसे अगस्त 2020 में केंद्र सरकार ने मंजूरी दी थी। इसका मुख्य कार्य है ग्रुप B और C पदों के लिए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) आयोजित करना, जो कंप्यूटर आधारित परीक्षा होती है। इसका उद्देश्य सरकारी नौकरियों की प्रारंभिक चयन प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना है।
आधार सत्यापन की अनुमति कैसे दी गई है?
कार्मिक मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, एनआरए स्वैच्छिक आधार पर Yes/No प्रमाणीकरण या ई-KYC के जरिए पहचान सत्यापित कर सकेगी। यह सत्यापन प्रक्रिया एनआरए पोर्टल पर पंजीकरण, परीक्षा के विभिन्न चरणों, और अधिकारियों की पहचान के लिए इस्तेमाल की जाएगी।
एनआरए को यह कार्य करते समय आधार अधिनियम, 2016, गुड गवर्नेंस हेतु आधार प्रमाणीकरण नियम, 2020, और UIDAI के दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा। यह जानकारी 15 मई को जारी अधिसूचना में दी गई है।
एनआरए ने अब तक परीक्षा क्यों नहीं करवाई?
पिछले वर्ष 25 जुलाई, 2024 को राज्यसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में, कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि एनआरए अभी तक कोई परीक्षा आयोजित नहीं कर पाई है क्योंकि वह देश भर की भर्ती प्रणालियों का विस्तृत अध्ययन कर रही है।
मंत्री ने कहा कि एनआरए यह पता लगा रही है कि अलग-अलग परीक्षा एजेंसियां (PEAs) कैसे परीक्षा आयोजित करती हैं और नई प्रणाली में आने वाली चुनौतियों को पहले से ही पहचानकर समाधान तैयार कर रही है। साथ ही, वह एक समान परीक्षा प्रणाली के लिए नीतियां और प्रोटोकॉल तैयार कर रही है ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जा सके।
पहले भी मिल चुकी है अनुमति
एनआरए से पहले, केंद्र सरकार ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) को भी इसी तरह आधार प्रमाणीकरण की स्वैच्छिक अनुमति दी थी।




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