
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) की एक परीक्षा निर्माणाधीन बेसमेंट पार्किंग में आयोजित किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रों में भारी आक्रोश फैल गया। क्रांतिकारी युवा संगठन (KYS) के नेतृत्व में छात्रों ने SOL और डीयू प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने दोषी अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा एक अधूरी और खतरनाक बेसमेंट पार्किंग में कराई गई, जहां निर्माण सामग्री चारों ओर बिखरी थी और गर्मी में बिना पंखों के उन्हें परीक्षा देनी पड़ी। उन्होंने इसे न सिर्फ असुरक्षित और अमानवीय बताया, बल्कि कहा कि यह ओपन लर्निंग छात्रों के साथ किए जा रहे भेदभाव का स्पष्ट उदाहरण है।
KYS द्वारा जारी वीडियो में दिखाया गया कि उस स्थान पर धातु की पाइपें, पेंट की बाल्टियां, पत्थर की स्लैब और अधूरी सीढ़ियां मौजूद थीं। छात्रों ने कहा कि इस प्रकार की लापरवाही से उनकी जान को खतरा हुआ और यह प्रशासन की गंभीर असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
इस पूरे मामले पर SOL की निदेशक प्रो. पायल मागो ने सफाई देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्र डीयू की परीक्षा शाखा तय करती है, और जहां परीक्षा हुई, वहां पहले भी नियमित कॉलेज और लॉ विभाग की परीक्षाएं कराई जाती रही हैं। उनके अनुसार, वहां आवश्यक सुविधाएं मौजूद हैं।
हालांकि KYS ने प्रशासन की इस सफाई को खारिज करते हुए कहा कि इससे पहले भी 2024 में बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर के छात्रों को सर्दी में शादी के पंडाल जैसे अस्थायी ढांचे में परीक्षा देने के लिए मजबूर किया गया था। संगठन ने DU और SOL प्रशासन पर छात्रों की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाते हुए भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई और एफआईआर की मांग की है।
साथ ही, KYS ने आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा परिणामों से जुड़े लंबित मुद्दों के तत्काल समाधान की भी मांग रखी है।




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