दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (DSEU) ने इस साल से B.Tech कोर्सों में प्रवेश प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए ज्वाइंट एडमिशन काउंसलिंग से अलग होने का निर्णय लिया है। अब विश्वविद्यालय JEE Mains स्कोर के आधार पर स्वतंत्र रूप से काउंसलिंग आयोजित करेगा और स्वयं सीटें आवंटित करेगा।
अब सिर्फ चार संस्थान होंगे ज्वाइंट काउंसलिंग का हिस्सा
अब तक ज्वाइंट काउंसलिंग प्रक्रिया में पांच प्रमुख संस्थान शामिल होते थे—
1. दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU)
2. नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT)
3. इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT-Delhi)
4. इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वूमेन (IGDTUW)
5. दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (DSEU)
लेकिन DSEU के बाहर होने के बाद अब ये प्रक्रिया सिर्फ चार संस्थानों तक सीमित रहेगी।
“हमारी प्रकृति इंजीनियरिंग कॉलेजों से अलग है”— कुलपति
DSEU के कुलपति प्रो. अशोक कुमार नगावत ने कहा, “हमारे विश्वविद्यालय की प्रकृति पारंपरिक इंजीनियरिंग संस्थानों से अलग है। हम कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करते हैं। ज्वाइंट काउंसलिंग के कारण हमारे दाखिले पिछड़ जाते थे, क्योंकि छात्र पहले बड़े तकनीकी संस्थानों को प्राथमिकता देते हैं।”
उन्होंने बताया कि यह निर्णय विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट और अकादमिक काउंसिल की बैठक में लिया गया है।
DSEU में दाखिले का नया फॉर्मेट
– B.Tech कोर्सों में प्रवेश JEE Mains स्कोर के आधार पर
– अन्य कोर्सों में दाखिला 10वीं और 12वीं की मेरिट के आधार पर
– विश्वविद्यालय स्वयं काउंसलिंग करेगा, ज्वाइंट काउंसलिंग का हिस्सा नहीं रहेगा
ज्वाइंट काउंसलिंग की प्रक्रिया जारी
वहीं, शेष चार संस्थानों के लिए ज्वाइंट काउंसलिंग प्रक्रिया 21 मई से शुरू हो चुकी है।
पंजीकरण की अंतिम तिथि: 2 जून
पहला सीट आवंटन: 9 जून
पहले राउंड के दाखिले: 10 जून से 18 जून
दूसरे राउंड की शुरुआत: 19 जून से
DSEU का यह फैसला न केवल उसकी स्वायत्तता को दर्शाता है, बल्कि दाखिला प्रक्रिया को और अधिक समर्पित और कुशल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।




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