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दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 11वीं के दाखिले की प्रक्रिया में होंगे बड़े बदलाव, शिक्षा निदेशालय ने जारी किए नए निर्देश

राजधानी दिल्ली के सरकारी स्कूलों में कक्षा 11वीं में दाखिले की प्रक्रिया में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उप-शिक्षा निदेशकों (DDE जोन) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जोन में बीते साल की दाखिला प्रक्रिया की समीक्षा करें और इस वर्ष की जरूरतों के अनुसार उसमें आवश्यक संशोधन करें।

स्कूल प्रमुखों को 30 जून तक दाखिला प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश
निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, सभी स्कूल प्रमुख यह सुनिश्चित करें कि दाखिला प्रक्रिया 30 जून तक पूरी कर ली जाए। साथ ही, जिन स्कूलों में साइंस, कॉमर्स या ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम उपलब्ध नहीं है, उन्हें निकटवर्ती ऐसे स्कूलों से जोड़ा जाए, जहां ये स्ट्रीम मौजूद हैं।

भीड़भाड़ से बचाव और संतुलित दाखिले पर जोर
दाखिले की योजना इस प्रकार तैयार की जाएगी कि किसी एक स्कूल में छात्रों की अत्यधिक भीड़ न हो। छात्रों को इस तरह विभाजित किया जाए कि संसाधनों और सुविधाओं का संतुलित उपयोग हो सके।

27 मई तक दाखिला योजना संशोधित करने का आदेश
निदेशालय ने संबंधित DDE को 27 मई तक दाखिला योजना संशोधित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्कूल स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जा सके। DDE यह भी सुनिश्चित करेंगे कि दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन हो।

निजी स्कूल से आने वाले छात्रों के लिए अलग व्यवस्था
सरकारी और सहायता प्राप्त फीडर स्कूलों के छात्रों को उनकी पसंद और पात्रता के अनुसार वरीयता दी जाएगी। वहीं, निजी स्कूलों के छात्र नॉन-प्लान दाखिलों के दौरान आवेदन कर सकेंगे।

फिलहाल ये है दाखिले की पात्रता
साइंस स्ट्रीम के साथ गणित लेने के इच्छुक छात्रों का दसवीं में कुल 55 फीसदी अंकों के साथ पास होना जरूरी है। इसके अलावा साइंस, अंग्रेजी व स्टैंडर्ड या बेसिक गणित में 50-50 फीसदी अंक होना जरूरी है। साइंस स्ट्रीम को गणित के बिना लेने के लिए भी दसवीं में 55 फीसदी के साथ पास होना जरूरी है। इसके साथ ही अंग्रेजी व साइंस में 50 फीसदी और स्टैंडर्ड गणित में 45 और बेसिक गणित में 40 फीसदी अंकों की अनिवार्यता रखी गई है। 

कोई छात्र कॉमर्स स्ट्रीम के साथ गणित लेने का इच्छुक है तो उसके लिए 50 फीसदी के साथ पास होना जरी है। जबकि अंग्रेजी, सोशल साइंस में 45-45 फीसदी और स्टैंडर्ड गणित या बेसिक गणित में 50 फीसदी अंक की अनिवार्यता रखी गयी है। 

गणित के बिना कॉमर्स लेने के लिए भी पास प्रतिशत 50 फीसदी होना चाहिए इसके अलावा अंग्रेजी, हिंदी व सोशल साइंस में 45-45 फीसदी अंक जरूरी है। आर्ट्स ( ह्यूमेनिटीज) में दाखिले के लिए केवल दसवीं में पास होना जरूरी है। यदि किसी को आर्ट्स के साथ इकोनॉमिक्स विषय भी पढऩा है तो इसके लिए 45 फीसदी अंक अनिवार्य हैं और गणित पढ़ना है तो उसके लिए 50 फीसदी अंक होने चाहिए।

यह बदलाव छात्रों की सुविधा, विकल्पों की उपलब्धता और स्कूलों के संसाधनों के संतुलित उपयोग को ध्यान में रखकर किए गए हैं। इससे छात्रों को योजना अनुसार शिक्षा पाने में मदद मिलेगी और दाखिला प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व व्यवस्थित होगी।

 

Asmita Sarkar

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