
पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) ने शुक्रवार को एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की, जब 17 महिला कैडेट्स का पहला बैच स्नातक हुआ। इन कैडेट्स ने 300 से अधिक पुरुष साथियों के साथ पासिंग आउट परेड में भाग लिया। यह NDA का पहला सह-शिक्षा (co-ed) बैच है, जिसने त्रि-सेवा प्रशिक्षण पूर्ण किया।
परेड का आयोजन खड़कवासला स्थित खेत्रपाल परेड ग्राउंड में हुआ, जिसे NDA में ‘नेतृत्व का पालना’ कहा जाता है। ‘अंतिम पग’ की यह परंपरा, सेना में शामिल होने के अंतिम चरण का प्रतीक होती है। इस अवसर पर पूर्व सेना प्रमुख और मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह परेड के समीक्षा अधिकारी के रूप में उपस्थित रहे।
महिलाओं की एनडीए में एंट्री का सफर
सुप्रीम कोर्ट के 2021 के निर्देश के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने महिलाओं को NDA में प्रवेश की अनुमति दी। इसके बाद महिला कैडेट्स का पहला बैच 2022 में NDA के 148वें कोर्स के तहत प्रशिक्षण के लिए शामिल हुआ। शुक्रवार को इसी कोर्स का समापन हुआ, जिसकी परेड की कमान कैडेट कैप्टन उदयवीर सिंह नेगी ने संभाली।
जनरल वी.के. सिंह का प्रेरणादायक संदेश
जनरल सिंह ने कहा, “यह NDA के इतिहास का एक ऐतिहासिक और अनोखा दिन है। महिला कैडेट्स का पास आउट होना न केवल समावेशिता, बल्कि सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ये कैडेट्स ‘नारी शक्ति’ की प्रतीक हैं, और मैं वह दिन देखना चाहता हूं जब इनमें से कोई एक, सेना में सर्वोच्च पद तक पहुंचे।”
कुल 339 कैडेट्स को मिली डिग्रियाँ
दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से कुल 339 कैडेट्स को स्नातक की डिग्रियां दी गईं। इनमें 84 कैडेट्स को B.Sc डिग्री, 85 को कंप्यूटर साइंस, 59 को बी.ए. (Bachelor of Arts) और 111 को बीटेक (B.Tech) की डिग्री मिली।
‘परिवर्तन की मशाल’ बनीं महिला कैडेट्स
दीक्षांत समारोह की मुख्य अतिथि, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने महिला कैडेट्स को ‘परिवर्तन की मशाल’ बताते हुए कहा: “आपने केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं पाई, बल्कि देश की हजारों बेटियों को आगे बढ़ने और बड़े सपने देखने की प्रेरणा दी है।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब तक NDA ने 40,000 से अधिक अधिकारी तैयार किए हैं जिन्होंने देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
टॉप करने वाले कैडेट्स
साइंस स्ट्रीम में कैडेट लकी कुमार ने पहला स्थान हासिल किया। कंप्यूटर साइंस स्ट्रीम में प्रिंस कुमार सिंह कुशवाह टॉपर रहे। आर्ट्स स्ट्रीम में श्रीति दक्ष, जो 17 महिला कैडेट्स में से एक हैं, ने पहला स्थान पाया। बीटेक स्ट्रीम में उदयवीर सिंह नेगी टॉपर बने।
इन 17 महिला कैडेट्स की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की सशस्त्र सेनाओं में लैंगिक समानता और नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी की दिशा में एक युगांतकारी कदम है।




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