
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए एक अहम निर्णय लेते हुए कक्षा 10वीं में गणित (बेसिक) पढ़ने वाले छात्रों को 11वीं कक्षा में गणित (कोड 041) विषय चुनने की छूट को जारी रखने का फैसला किया है। हालांकि, यह छूट स्कूल प्रधान की संतुष्टि के आधार पर ही दी जाएगी कि छात्र में 11वीं कक्षा के गणित को पढ़ने की क्षमता और योग्यता है।
बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह छूट भविष्य में तब लागू नहीं होगी जब राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) के अंतर्गत सुझाई गई अध्ययन योजना को लागू कर दिया जाएगा।
एलओसी भरते समय बरतें विशेष सावधानी
सीबीएसई ने स्कूलों को यह निर्देश भी दिया है कि वे 2025 की बोर्ड परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की सूची (एलओसी) में विषयों की प्रविष्टि अत्यंत सावधानी से करें। बोर्ड ने कहा है कि एक बार विषयों का चयन हो जाने के बाद उसमें किसी भी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं होगा। स्कूलों को यह सूचना अभिभावकों और छात्रों तक समय रहते पहुंचाने का आग्रह किया गया है ताकि वे इस आधार पर सही निर्णय ले सकें।
गणित (मानक) और गणित (बेसिक) के बीच अंतर
सीबीएसई ने यह व्यवस्था मार्च 2020 से लागू की थी, जिसमें कक्षा 10 के लिए गणित के दो स्तर निर्धारित किए गए:
गणित (मानक) – उन छात्रों के लिए जो आगे चलकर 11वीं और 12वीं में गणित (041) पढ़ना चाहते हैं।
गणित (बेसिक) – उन छात्रों के लिए जो भविष्य में उच्च स्तर पर गणित का अध्ययन नहीं करना चाहते।
सीबीएसई के मौजूदा नियमों के अनुसार, केवल गणित (मानक) वाले छात्रों को ही 11वीं में गणित विषय चुनने की अनुमति होती है। गणित (बेसिक) वाले छात्रों को सामान्यतः अनुप्रयुक्त गणित (Applied Mathematics) पढ़ने की ही अनुमति दी जाती है। हालांकि, महामारी के बाद छात्रों को लचीलापन देने के लिए पिछले तीन वर्षों से यह छूट दी जा रही है, जिसे अब एक और सत्र के लिए बढ़ा दिया गया है।
इस निर्णय से उन छात्रों को राहत मिलेगी जिन्होंने कक्षा 10 में गणित (बेसिक) लिया था, लेकिन अब आगे गणित विषय में पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं।




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