
दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 19 स्नातक प्रोग्रामों में दाखिले की प्रतीक्षा अब समाप्त होने जा रही है। एसओएल में दाखिले की प्रक्रिया 1 जून से आरंभ हो रही है, जो दो हिस्सों में विभाजित है और इसमें कुल चार चरण होंगे। इस प्रक्रिया के तहत पहले पंजीकरण और फिर दाखिले की प्रक्रिया संपन्न होगी।
दस जून के बाद शुरू होगी दाखिला प्रक्रिया
पंजीकरण के लिए छात्रों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। फॉर्म भरने के लिए लगभग दस दिन का समय दिया जाएगा। 10 जून के बाद दाखिले की मुख्य प्रक्रिया आरंभ की जाएगी, जो अगस्त के अंत तक चलेगी। एसओएल की निदेशक प्रो. पायल मागो ने बताया कि यह पहली बार है जब दाखिले से पहले पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण के दौरान छात्रों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरनी होगी, जिससे वे एसओएल में पंजीकृत हो सकेंगे और उन्हें प्रॉस्पेक्टस भी मिल जाएगा। पहले पंजीकरण और दाखिला एक साथ होता था, लेकिन अब इसे चरणबद्ध किया गया है।
दाखिला प्रक्रिया के चार चरण
1. पंजीकरण – 1 से 10 जून तक बिना किसी शुल्क के ऑनलाइन पंजीकरण किया जाएगा।
2. एबीसी व डीईबी आईडी निर्माण – छात्रों को 5 से 10 जून के बीच अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) की आईडी बनानी होगी, जिसमें प्राप्त क्रेडिट जुड़ते जाएंगे। इसी दौरान डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (डीईबी) की आईडी भी तैयार होगी।
3. शैक्षणिक मूल्यांकन – छात्रों को उनके अंकों के आधार पर यह सुझाव दिए जाएंगे कि वे किन-किन कोर्सों के लिए योग्य हैं।
4. परीक्षा फॉर्म और दस्तावेज़ अपलोड – अंतिम चरण में परीक्षा फॉर्म भरना होगा और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करने होंगे। विषयों का चयन इसी चरण में किया जाएगा। दस्तावेजों का सत्यापन दाखिले से पहले किया जाएगा, जिसके लिए छात्रों को तीन दिन का समय मिलेगा।
इस नई प्रक्रिया से उम्मीद है कि दाखिले की प्रणाली अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित होगी।




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