
पुत्तूर तालुक के सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज, कोम्बेट्टू में पढ़ने वाले एक छात्र ने एक अनोखा फेस रिकग्निशन आधारित उपस्थिति सिस्टम तैयार किया है, जो न सिर्फ छात्रों की उपस्थिति कुछ ही सेकंड में दर्ज करता है, बल्कि उनके स्कूल पहुंचते ही उनके माता-पिता को Telegram ऐप के माध्यम से तुरंत सूचना भी भेजता है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रणाली अरुण कुमार वी, द्वितीय पीयूसी (द्वितीय वर्ष) के छात्र ने विकसित की है। अरुण, कक्षा 9 से नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के तहत सूचना प्रौद्योगिकी (IT) स्ट्रीम का अध्ययन कर रहे हैं।
अरुण को इस नवाचार की प्रेरणा अटल टिंकरिंग लैब से मिली — यह भारत सरकार की नीति आयोग की पहल Atal Innovation Mission (AIM) के अंतर्गत देशभर के स्कूलों में स्थापित इनोवेशन स्पेस हैं। अरुण ने अपने IT शिक्षक अशलेश कुमार के मार्गदर्शन में तीन महीने मेहनत कर यह प्रणाली तैयार की।
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
यह डिवाइस एक वेब कैमरा की मदद से स्कूल आने वाले छात्रों के चेहरों को पहचानता है। जैसे ही किसी छात्र की पहचान होती है, उसका नाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होता है और उसके अभिभावक के फोन पर एक मैसेज जाता है, जिसमें छात्र का नाम, तारीख, समय, और उपस्थिति की पुष्टि होती है।
इस प्रणाली का उपयोग शुरू करने से पहले, प्रत्येक छात्र को सिस्टम में पंजीकृत करना होता है। इसके लिए छात्र का नाम, कक्षा, सेक्शन, माता-पिता का मोबाइल नंबर और अलग-अलग कोणों से खींची गई पाँच तस्वीरें अपलोड की जाती हैं।
प्रणाली की विशेषताएँ:
– रोज़ाना सुबह 11 बजे यह सिस्टम Telegram ऐप के जरिए प्रधानाचार्य को एक PDF उपस्थिति रिपोर्ट भेजता है।
– जिन छात्रों की उपस्थिति दर्ज नहीं होती, उन्हें अनुपस्थित माना जाता है और उनके अभिभावकों को भी तुरंत सूचना भेजी जाती है।
– उसके बाद, उस दिन के लिए उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति नहीं दी जाती।
– सिस्टम हर रात स्वतः रीसेट हो जाता है, जिससे अगले दिन की उपस्थिति प्रक्रिया फिर से शुरू की जा सके।
तकनीकी जानकारी:
– यह प्रणाली Raspberry Pi मदरबोर्ड पर आधारित है।
– इसमें अन्य हार्डवेयर हिस्से जोड़े गए हैं, जो विभिन्न कार्यों को संभालते हैं।
– यह डिवाइस Wi-Fi के जरिए इंटरनेट से जुड़कर कार्य करता है।
लागत व क्षमता:
– यह मॉडल फिलहाल प्रयोगात्मक अवस्था में है और इसे सस्ती तकनीक का उपयोग करके बनाया गया है, जिसकी कुल लागत लगभग ₹13,000 आई।
– एक डिवाइस एक समय में 500 छात्रों की जानकारी संग्रहीत कर सकता है और 1-2 सेकंड में एक उपस्थिति दर्ज करता है।
– एक स्कूल में एक डिवाइस 200 छात्रों को संभाल सकता है।
अरुण और उनके शिक्षक अशलेश का मानना है कि यह प्रणाली उपस्थिति प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति लाने के साथ-साथ अभिभावकों को रीयल टाइम में सूचित करने का एक सशक्त माध्यम बन सकती है। अरुण ने कहा कि यदि कुछ और सुधार किए जाएँ, तो यह मॉडल राज्य के अन्य स्कूलों में भी सफलतापूर्वक अपनाया जा सकता है।




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