Edinbox Hindi

एनएमसी ने बदले मेडिकल फैकल्टी नियम, अनुभवी डॉक्टरों को मिलेगा प्रोफेसर बनने का मौका

राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद (NMC) ने हाल ही में “मेडिकल इंस्टीट्यूशन (फैकल्टी क्वालिफिकेशन) रेगुलेशंस 2025” अधिसूचित किए हैं, जिनमें मेडिकल संकाय नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं। इन नए नियमों के तहत अब ऐसे गैर-शिक्षण विशेषज्ञ या परामर्शदाता जो सरकारी अस्पतालों में 10 साल का अनुभव रखते हैं, उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर बनने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, जिन डॉक्टरों के पास पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री है और वे 220 या उससे अधिक बेड वाले सरकारी अस्पतालों में कम से कम 2 साल से सेवाएं दे रहे हैं, वे अब सीनियर रेजिडेंसी के बिना भी सहायक प्रोफेसर (Assistant Professor) बन सकते हैं। हालांकि, ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्ति के दो वर्षों के भीतर जैव चिकित्सा अनुसंधान में एक बुनियादी कोर्स पूरा करना अनिवार्य होगा।

अन्य प्रमुख बदलाव:
– तीन साल का टीचिंग अनुभव रखने वाले वरिष्ठ सलाहकार अब प्रोफेसर के पद के लिए पात्र होंगे, बशर्ते उन्होंने सरकारी अस्पतालों या NBEMS मान्यता प्राप्त संस्थानों में कार्य किया हो।

– डिप्लोमा धारक डॉक्टर जो 6 साल से विशेषज्ञ या मेडिकल ऑफिसर के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, अब सहायक प्रोफेसर बन सकेंगे।

– अब किसी भी पीजी कोर्स की शुरुआत केवल 2 संकाय सदस्यों और 2 सीटों के साथ की जा सकती है। पहले इसके लिए 3 फैकल्टी और एक सीनियर रेजिडेंट की आवश्यकता होती थी।

– यूजी (MBBS) और पीजी (MD/MS) कोर्स अब एक साथ शुरू किए जा सकते हैं, जिससे मेडिकल प्रोफेशनल्स की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

– एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, फार्माकोलॉजी, और फोरेंसिक मेडिसिन जैसे विषयों में सीनियर रेजिडेंट की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष कर दी गई है।

बदलते स्वास्थ्य ढांचे के लिए अहम कदम
सरकार ने आगामी पांच वर्षों में देशभर में 75,000 नई मेडिकल सीटें सृजित करने की योजना बनाई है। लेकिन इस विस्तार में सबसे बड़ी बाधा योग्य शिक्षकों की कमी रही है। एनएमसी का मानना है कि मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए पर्याप्त योग्य संकाय आवश्यक है, और यह कदम उसी दिशा में उठाया गया है।

अब 220 से अधिक बेड वाले गैर-शिक्षण सरकारी अस्पतालों को भी मेडिकल टीचिंग इंस्टीट्यूशन के रूप में मान्यता दी जा सकेगी, जबकि पहले इसके लिए 330 बेड की अनिवार्यता थी। यह बदलाव मेडिकल शिक्षा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed