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दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘सिख शहादत’ पर नया पाठ्यक्रम शुरू, रेडियो जॉकींग जैसे स्किल बेस्ड कोर्स को भी मंजूरी

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की अकादमिक परिषद (Academic Council) ने शनिवार को हुई अपनी बैठक में कई नए शैक्षणिक और कौशल विकास पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी। इनमें ‘भारतीय इतिहास में सिख शहादत’ विषय पर एक नया स्नातक वैकल्पिक पाठ्यक्रम (Generic Elective) शामिल है, जिसे स्वतंत्रता और विभाजन अध्ययन केंद्र (CIPS) द्वारा प्रस्तावित किया गया है। यह पाठ्यक्रम आगामी शैक्षणिक सत्र से सभी कॉलेजों के छात्रों के लिए उपलब्ध होगा।

चार क्रेडिट वाले इस पाठ्यक्रम में सिख धर्म के विकास, मुगल शासन के दौरान राज्य प्रायोजित उत्पीड़न, और गुरु अर्जन देव, गुरु तेग बहादुर, गुरु गोविंद सिंह, साहिबजादों तथा बंदा सिंह बहादुर जैसे ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के नेतृत्व में हुए प्रतिरोध आंदोलनों को कवर किया जाएगा। इसमें ऐतिहासिक गुरुद्वारों और किलों का शैक्षणिक दौरा, डॉक्यूमेंट्री स्क्रीनिंग और इंटरैक्टिव ट्यूटोरियल भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कोर्स सिख समुदाय के ऐतिहासिक योगदान को उजागर कर प्रमुख ऐतिहासिक विमर्श में मौजूद शून्य को भरने की दिशा में एक प्रयास है।

चौथे वर्ष के शोध कार्यों के लिए दिशा-निर्देश
परिषद ने स्नातक अध्ययन के चौथे वर्ष में शोध प्रबंध, अकादमिक परियोजनाओं और उद्यमिता से जुड़े मॉड्यूल की निगरानी के लिए भी दिशा-निर्देश तय किए हैं। इसके तहत पीएचडी धारक और गैर-पीएचडी संकाय सदस्य—दोनों ही इन शोध कार्यों की देखरेख के लिए पात्र होंगे। प्रत्येक संकाय सदस्य अधिकतम 10 छात्रों का मार्गदर्शन कर सकेगा, और हर छात्र के लिए एक एडवाइजरी कमेटी फॉर रिसर्च (ACR) गठित की जाएगी।

हालांकि, कुछ सदस्यों ने बिना अतिरिक्त शिक्षण घंटों के पर्यवेक्षक भार में वृद्धि पर आपत्ति जताते हुए सिफारिश की कि संकाय को अधिकतम 3-4 छात्रों तक ही सीमित रखा जाए और अतिथि फैकल्टी को भी शिक्षक-छात्र अनुपात में शामिल किया जाए।

रेडियो जॉकी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम
कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय ने ‘रेडियो जॉकींग’ पर एक नया स्किल एन्हांसमेंट कोर्स (SEC) भी मंजूर किया है। इसमें छात्रों को वॉयस मॉड्यूलेशन, उच्चारण सुधार, स्टूडियो संचालन, लाइव शो होस्टिंग, और इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स के साथ इंटरैक्शन का प्रशिक्षण मिलेगा। कोर्स में स्टूडियो सिमुलेशन, शो प्लानिंग और पिच कंट्रोल जैसे व्यावहारिक मॉड्यूल शामिल हैं।

इसके अलावा, अन्य नए SEC कोर्स में शामिल हैं:
– टेक्सटाइल पर इको-प्रिंटिंग
– वैक्यूम टेक्नोलॉजी
– सरफेस ऑर्नामेंटेशन
– मेडिकल डायग्नोस्टिक्स
– इंटीरियर डिजाइनिंग के लिए डिजिटल टूल्स

पुराने छात्रों को दो साल की अतिरिक्त राहत
2016-17 शैक्षणिक सत्र में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए डीयू ने दो साल का अकादमिक बैकलॉग क्लीयरेंस एक्सटेंशन मंजूर किया है। यह छूट CBCS से UGC-F 2022 फ्रेमवर्क में परिवर्तन के कारण प्रभावित छात्रों को डिग्री पूर्ण करने का अवसर प्रदान करेगी।

विवादास्पद बदलाव और प्रशासनिक निर्देश
परिषद ने अकादमिक मामलों की स्थायी समिति द्वारा प्रस्तावित सभी पाठ्यक्रम परिवर्तनों को भी स्वीकृति दी, जिसमें स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान पाठ्यक्रम से इस्लाम, पाकिस्तान और चीन पर आधारित कुछ पेपरों को हटाना शामिल है।

एक अन्य प्रस्ताव, जिसके तहत छात्रों को SWAYAM और MOOCs प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से 5% क्रेडिट अर्जित करने की अनुमति देने की बात थी, को सदस्यों के विरोध का सामना करना पड़ा। सदस्यों ने शैक्षणिक गुणवत्ता को लेकर चिंताएं जताईं, जिसके चलते इस प्रस्ताव की समीक्षा के लिए एक समिति गठित की गई है।

अंत में, कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने सभी विभागों को लंबित पेपर मूल्यांकन बिलों के त्वरित निपटान और संकाय सदस्यों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Asmita Sarkar

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