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भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद NMC की बड़ी कार्रवाई: नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी और सीट बढ़ोतरी पर लगाई रोक 

देश की चिकित्सा शिक्षा प्रणाली को हिलाकर रख देने वाले भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के बड़े खुलासे के बाद, नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी, सीटों में बढ़ोतरी और मौजूदा पाठ्यक्रमों के नवीनीकरण की सभी प्रक्रियाएं स्थगित कर दी हैं। 

यह कठोर कदम केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की उस जांच के बाद उठाया गया है, जिसमें सामने आया कि बुनियादी सुविधाओं, योग्य संकाय और पर्याप्त मरीजों की देखभाल के अभाव वाले कॉलेजों को भी फर्जी तरीके से मंजूरी दी गई। इस कार्रवाई के तहत CBI ने गुजरात और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में 40 से अधिक मेडिकल संस्थानों पर छापे मारे।

CBI के अनुसार, नियमों को ताक पर रखकर निरीक्षण रिपोर्टों में हेरफेर की गई और इसके बदले में भारी रिश्वत ली गई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घोटाला 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है।

व्यापक भ्रष्टाचार उजागर
रिपोर्ट के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरा रैकेट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, NMC और निजी मेडिकल कॉलेजों के प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत से संचालित हो रहा था। CBI ने अब तक 34 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आठ अधिकारी, नेशनल हेल्थ अथॉरिटी का एक अधिकारी, NMC निरीक्षण टीम के पांच डॉक्टर, और निजी कॉलेजों के कई प्रशासक शामिल हैं।

आरोपियों में स्वामीनारायण मेडिकल कॉलेज, कालोल (गुजरात) के स्वामी भगवत वत्सल्यदासजी और छत्तीसगढ़ के गुरु रविशंकरजी के नाम प्रमुख हैं, जिन पर मान्यता और स्वीकृति दिलाने के लिए रिश्वत देने का आरोप है।

अब तक की कार्रवाई में केंद्रीय और राज्य स्वास्थ्य विभागों के 11 कर्मचारी, और तीन निजी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े डॉक्टरों सहित कुल 36 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

NMC की कड़ी प्रतिक्रिया और सुधार
भ्रष्टाचार पर सख्त रुख अपनाते हुए, NMC ने तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित सभी प्रक्रियाएं स्थगित कर दी हैं:
– नए मेडिकल कॉलेज खोलने की मंजूरी
– यूजी (UG) और पीजी (PG) सीटों की संख्या बढ़ाने की अनुमति
– मौजूदा कोर्स और सीटों के नवीनीकरण की प्रक्रिया

CBI जांच में यह भी सामने आया कि कर्नाटक के एक निजी मेडिकल कॉलेज को पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए NMC के एक वरिष्ठ मूल्यांकनकर्ता ने रिश्वत ली थी। इसके बाद NMC ने न केवल उस कॉलेज की सीट नवीनीकरण रद्द कर दिया, बल्कि उस वर्ष के लिए सभी नए कोर्स और सीट वृद्धि से जुड़ी अर्जियों को भी स्थगित कर दिया।

सख्ती से होगी दोबारा जांच
विश्वसनीयता बहाल करने के लिए NMC अब वरिष्ठ प्रोफेसरों की टीम भेजकर सभी मौजूदा मेडिकल कॉलेजों का पुनः निरीक्षण करवाएगा। कॉलेजों को साफ चेतावनी दी गई है कि किसी को कोई छूट नहीं दी जाएगी और नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य होगा।

Asmita Sarkar

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