
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मेडिकल छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्रिस्तरीय शिकायत निवारण प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया है। आयोग का कहना है कि छात्रों, उनके अभिभावकों और अन्य हितधारकों से शैक्षणिक और अस्पताल प्रशिक्षण से जुड़ी कई शिकायतें मिल रही हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई है।
तीन स्तरों पर सुलझेंगी शिकायतें
NMC ने प्रस्तावित व्यवस्था में कहा है कि शिकायतों का समाधान सबसे पहले कॉलेज स्तर पर किया जाना चाहिए। यदि समाधान नहीं होता, तो मामला संबंधित विश्वविद्यालय और फिर राज्य के चिकित्सा शिक्षा निदेशालय या स्वास्थ्य विभाग के पास जाएगा। अत्यंत आवश्यक स्थिति में शिकायतें सीधे NMC तक पहुंचाई जा सकेंगी।
किन मुद्दों पर मिल रही हैं शिकायतें?
– अनावश्यक या अधिक फीस वसूली
– वजीफे के भुगतान में देरी या न भुगतान
– रैगिंग और उत्पीड़न
– इंटर्नशिप से जुड़ी दिक्कतें
– फैकल्टी या स्टाफ से जुड़े विवाद
– अनुशासन, सुरक्षा, उपस्थिति, पाठ्यक्रम और मूल्यांकन संबंधी समस्याएं
कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाएंगे पोर्टल
आयोग ने निर्देश दिया है कि सभी मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय एक ऑनलाइन शिकायत पोर्टल का निर्माण करें और उसका लिंक छात्रों के लिए सार्वजनिक करें। ताकि छात्र अपनी शिकायतें सीधे और सुविधाजनक तरीके से दर्ज करा सकें।
एनएमसी पोर्टल भी रहेगा उपलब्ध
अगर शिकायतें संस्थान या राज्य स्तर पर नहीं सुलझतीं, तो उन्हें NMC के विशेष वेब पोर्टल पर दर्ज कराया जा सकता है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोशिश यही होनी चाहिए कि शिकायतों का समाधान वहीं किया जाए जहां से वे उत्पन्न होती हैं। सभी स्तरों पर जिम्मेदारों को छात्रों की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
इस त्रिस्तरीय व्यवस्था का उद्देश्य मेडिकल छात्रों को एक मजबूत और पारदर्शी शिकायत समाधान प्रणाली उपलब्ध कराना है, जिससे उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण से जुड़ी समस्याएं समय रहते सुलझ सकें।




Add comment