
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की अभिनव पहल ‘प्रतिभा सेतु’ के तहत अब निजी कंपनियां उन उम्मीदवारों तक पहुंच बना रही हैं, जो यूपीएससी की प्रमुख परीक्षाओं — जैसे कि सिविल सेवा, इंजीनियरिंग सेवा, और संयुक्त चिकित्सा सेवा — के मुख्य परीक्षा या इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में शामिल नहीं हो सके।
यह जानकारी आयोग द्वारा जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
क्या है ‘प्रतिभा सेतु’?
‘प्रतिभा सेतु’ (Professional Resource And Talent Integration Setu) एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो योग्य लेकिन अंतिम चयन से वंचित उम्मीदवारों को निजी क्षेत्र में रोजगार के वैकल्पिक अवसरों से जोड़ने का काम करता है।
यह पोर्टल पंजीकृत एवं सत्यापित निजी संगठनों को यह सुविधा देता है कि वे उम्मीदवारों के डेटा तक पहुंच सकें — बशर्ते अभ्यर्थी ने स्वेच्छा से अपनी जानकारी साझा करने की अनुमति दी हो।
अब तक 113 कंपनियां हो चुकी हैं शामिल
यूपीएससी के अनुसार अब तक 113 निजी कंपनियां इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुकी हैं, और कई अन्य भी रुचि दिखा रही हैं। आयोग ने इसे एक “विश्वसनीय और मूल्यांकित प्रतिभा का स्रोत” बताया है, जो कॉर्पोरेट क्षेत्र को प्रतिभाशाली उम्मीदवारों तक सहज पहुंच प्रदान करता है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने की पहल की सराहना
केंद्रीय कार्मिक राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस पहल को “प्रतिभा के बेहतर उपयोग की दूरदर्शी सोच” बताया।
उन्होंने कहा, “यूपीएससी की परीक्षाओं में हजारों होनहार छात्र बहुत कम अंतर से अंतिम चयन से चूक जाते हैं। ‘प्रतिभा सेतु’ उनके लिए एक उपयोगी और सम्मानजनक करियर विकल्प खोलता है।”
UPSC चेयरमैन अजय कुमार ने दी विस्तृत जानकारी
यूपीएससी चेयरमैन अजय कुमार ने मंत्री को बताया कि यह पहल Public Disclosure Scheme (2018) के विस्तारित रूप में शुरू की गई है और इसे उम्मीदवारों एवं निजी क्षेत्र — दोनों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
पहले जहां उम्मीदवारों की जानकारी वेबसाइट पर केवल देखने के लिए डाली जाती थी, अब यह प्लेटफॉर्म इंटरऐक्टिव बन चुका है, जिसमें रजिस्टर्ड कंपनियां लॉगइन कर सीधे उम्मीदवारों से संपर्क कर सकती हैं।
किन परीक्षाओं के अभ्यर्थी हैं शामिल?
‘प्रतिभा सेतु’ में सिविल सेवा परीक्षा, इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा, और संयुक्त चिकित्सा सेवा परीक्षा शामिल हैं। हालांकि, राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), नौसेना अकादमी और कुछ अन्य विभागीय प्रतियोगिताएं इस दायरे में नहीं आतीं।
सरकारी सेवा से आगे बढ़कर करियर की नई राह
डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि यह पहल अभ्यर्थियों के लिए सरकारी सेवा से बाहर भी अपनी प्रतिभा को पहचान दिलाने का अवसर है। इससे वे निजी क्षेत्र में भी प्रभावी भूमिका निभाने के लिए तैयार हो सकते हैं।
मानव संसाधन विकास में यूपीएससी की नई भूमिका
जैसे-जैसे यूपीएससी 2026 में अपने शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर हो रहा है, ‘प्रतिभा सेतु’ जैसी पहल यह दर्शाती हैं कि आयोग अब केवल सरकारी चयन संस्था नहीं, बल्कि देश के मानव संसाधन विकास का एक सक्रिय केंद्र बनता जा रहा है।




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