
अखिलेश मिश्रा ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के अध्यक्ष पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने नोएडा स्थित एनआईओएस मुख्यालय में सभी विभाग प्रमुखों के साथ बैठक की और संस्थान की शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की।
गौरतलब है कि एनआईओएस दुनिया की सबसे बड़ी ओपन स्कूलिंग प्रणाली है, जो माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा की पहुंच को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
प्राथमिक शिक्षकों के ब्रिज कोर्स को और प्रभावी बनाने पर जोर
बैठक के दौरान मिश्रा ने उन प्राथमिक शिक्षकों के लिए चल रहे छह महीने के ब्रिज कोर्स की प्रगति की समीक्षा की, जिन्हें बीएड डिग्री के आधार पर नियुक्त किया गया है।
उन्होंने इस कोर्स को और अधिक समावेशी, गुणवत्तापूर्ण, व्यावहारिक और सुलभ अध्ययन सामग्री से युक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रोफेसर मिश्रा ने इस कोर्स को छात्रों की जरूरतों के अनुसार उपयोगी और परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए।
क्षेत्रीय केंद्रों और नए कार्यक्रमों की योजना
अध्यक्ष ने देशभर में फैले एनआईओएस के क्षेत्रीय केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की और संकेत दिया कि संस्थान निकट भविष्य में नए शैक्षणिक कार्यक्रमों की शुरुआत कर सकता है, जिससे पंजीकृत छात्रों को अधिक विकल्प मिल सकें।
‘विद्या समीक्षा केंद्र’ की गतिविधियों की भी समीक्षा
बैठक में एनआईओएस मुख्यालय स्थित ‘विद्या समीक्षा केंद्र’ (Vidya Samiksha Kendra) के कार्यों और आगामी योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
यह केंद्र डिजिटल माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया की निगरानी, मूल्यांकन और सुधार में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
NEP 2020 के लक्ष्यों की प्राप्ति में NIOS की अहम भूमिका
मिश्रा ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करने में एनआईओएस की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने दोहराया कि संस्थान शिक्षा के लचीले, समावेशी और सुलभ स्वरूप को बनाए रखते हुए अधिक से अधिक छात्रों तक पहुँचने का प्रयास जारी रखेगा।




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