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आईआईटी खड़गपुर ने लॉन्च की ‘SETU’ योजना: मानसिक स्वास्थ्य के लिए तकनीक और संवेदनशीलता का संगम

2025 में चार छात्रों की आत्महत्या की दुखद घटनाओं के बाद, आईआईटी खड़गपुर ने मानसिक स्वास्थ्य और समग्र कल्याण को लेकर एक बड़ी पहल की है। शुक्रवार को संस्थान ने एक नई मेंटल हेल्थ योजना SETU (Support, Empathy, Transformation and Upliftment) लॉन्च की, जिसका उद्देश्य छात्रों के लिए एक समावेशी, संवेदनशील और छात्र-केंद्रित सहायता प्रणाली विकसित करना है।

SETU@IITKGP को इंसान और तकनीक के सहयोग से उच्च शिक्षा में बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस योजना का औपचारिक उद्घाटन संस्थान के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने किया।

मानवता और तकनीक के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य की नई सोच
संस्थान के प्रवक्ता ने बताया कि SETU कोई पारंपरिक मानसिक स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि एक एकीकृत प्रणाली है जो तकनीकी नवाचार और मानवीय संवेदनशीलता को साथ लाती है। इसका उद्देश्य है—छात्रों की मानसिक स्थिति को समय रहते पहचानना और उन्हें उचित सहायता उपलब्ध कराना।

‘सेतु’ शब्द संस्कृत में पुल का प्रतीक है, और यहां यह रूपक है—
अलगाव से जुड़ाव की ओर,
कमजोरी से मजबूती की ओर,
संघर्ष से सहनशीलता की ओर,
दिमाग से दिल की ओर,
और परंपरा से तकनीक की ओर।

यह दृष्टिकोण संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति एक नवीन सोच और संवेदनशील संस्कृति को दर्शाता है।

चार आत्महत्याओं के बाद सामने आई ज़रूरत
इस योजना की नींव 2025 में हुई चार अत्यंत दुखद आत्महत्याओं के बाद रखी गई।

– शौन मलिक (12 जनवरी)
– अनिकेत वॉकर (20 अप्रैल)
– मोहम्मद आसिफ क़मर (4 मई)
– रितम मंडल (18 जुलाई)

इन घटनाओं ने न केवल संस्थान को झकझोर दिया, बल्कि शैक्षणिक दबाव और छात्रों की मानसिक सेहत पर गहरी चिंता भी पैदा की।

SETU के अंतर्गत मिलने वाली सेवाएं
SETU पहल के अंतर्गत छात्रों को कई स्तरों पर सहायता प्रदान की जाएगी, जैसे:
– व्यक्तिगत थेरेपी और मनोचिकित्सकीय देखभाल
– समूह सत्र (Group Sessions)
– 24×7 ऑनलाइन काउंसलिंग (YourDOST के माध्यम से)
– जागरूकता अभियान और वर्कशॉप्स

इन सेवाओं का उद्देश्य है—मानसिक स्वास्थ्य को कलंक-मुक्त बनाना और इसे छात्र जीवन का स्वाभाविक हिस्सा बनाना।

AI तकनीक से छात्रों की इमोशनल हेल्थ पर नज़र
इस योजना की खासियत इसका AI-संचालित इमोशनल हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम है, जिसे हॉस्टल और अकादमिक इकाइयों में तैनात किया गया है। यह प्रणाली छात्रों की भावनात्मक स्थिति पर वास्तविक समय में नज़र रखेगी और किसी भी असामान्यता की स्थिति में गोपनीय और तत्काल सहायता सुनिश्चित करेगी।

छात्र-संचालित सहयोग संस्कृति को बढ़ावा
SETU केवल एक टॉप-डाउन पहल नहीं है—इसके क्रियान्वयन में छात्र भी सक्रिय रूप से शामिल हैं। हॉस्टल स्तर पर वेलफेयर कमेटियाँ गठित की जा रही हैं, जो एक सहायक और समावेशी माहौल बनाने में योगदान देंगी।

अन्य संस्थानों के लिए एक मिसाल
आईआईटी खड़गपुर की यह पहल न केवल एक संस्थागत उत्तरदायित्व का उदाहरण है, बल्कि यह देश के अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है—जहां आज भी मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर चर्चा करना एक चुनौती है।

Asmita Sarkar

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