
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने आगामी छात्रसंघ चुनावों (DUSU) को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके। अब किसी भी उम्मीदवार को नामांकन भरते समय ₹1 लाख का सिक्योरिटी बॉन्ड जमा करना होगा। यदि उम्मीदवार या उनके समर्थक डिफेसमेंट नियमों का उल्लंघन करते पाए गए, तो यह राशि जप्त कर ली जाएगी।
सभी को नियमों के पालन की सख्त अपील
रजिस्ट्रार विकास गुप्ता द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में छात्रों, कॉलेजों और विश्वविद्यालय विभागों से सख्त अनुपालन की अपील की गई है। ये दिशा-निर्देश कानूनी प्रावधानों, अदालती आदेशों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं।
विश्वविद्यालय ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि छात्रों को प्रवेश के समय “एंटी-डिफेसमेंट एफिडेविट” भरना होगा, ठीक उसी तरह जैसे एंटी-रैगिंग एफिडेविट भरा जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों में जागरूकता बढ़ाना और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
चुनावी माहौल के लिए अनुशासनात्मक तैयारियां
कॉलेजों और विभागों को निर्देश दिया गया है कि वे चुनावी माहौल के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें। साथ ही, उम्मीदवारों के बीच विवाद (डिबेट) आयोजित करने और उसे कॉलेज की वेबसाइट पर अपलोड करने की सिफारिश की गई है, जिससे छात्र एक सूचित निर्णय ले सकें।
“वॉल्स ऑफ डेमोक्रेसी” के बाहर प्रचार पर रोक
चुनावी प्रचार को नियंत्रित करने के लिए, कॉलेजों को “वॉल्स ऑफ डेमोक्रेसी” (Walls of Democracy) के आकार को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। उम्मीदवार केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों पर पोस्टर और चुनावी सामग्री लगा सकेंगे। इसके अलावा दीवारों पर लिखना, अनधिकृत पोस्टर लगाना, रोड शो, रैलियां और लाउडस्पीकर का उपयोग सख्त रूप से प्रतिबंधित रहेगा।




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