
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं से पहले कई नए बदलावों की घोषणा की है। अब कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्रों के लिए अपनी APAAR ID (अकादमिक पहचान संख्या) को स्कूल रिकॉर्ड से जोड़ना अनिवार्य होगा। साथ ही, परीक्षा और पंजीकरण शुल्क में लगभग 6.66% की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा, छात्रों के लिए एक अत्याधुनिक AI-आधारित डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर बनाने की भी योजना है, जहां वे नवाचारपूर्ण और रोचक तरीकों से पढ़ाई कर सकेंगे।
APAAR ID: क्या और क्यों जरूरी?
APAAR ID प्रत्येक छात्र का एक स्थायी और यूनिक डिजिटल अकाउंट होगा, जिसमें उसकी पूरी शैक्षणिक जानकारी एक ही स्थान पर सुरक्षित रहेगी। CBSE के चेयरमैन के अनुसार, इससे डेटा की सटीकता बढ़ेगी और रिकॉर्ड में डुप्लीकेशन की समस्या खत्म होगी। बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि परीक्षा से पहले कक्षा 9 से 12 तक के सभी छात्रों की APAAR ID तैयार कर ली जाए।
परीक्षा और पंजीकरण शुल्क में संशोधन
CBSE की आय का मुख्य स्रोत पंजीकरण और परीक्षा शुल्क है, जिसका उपयोग परीक्षा संचालन और अन्य खर्चों में किया जाता है। 2020 से शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ था, जबकि बोर्ड के खर्च विभिन्न कारणों से काफी बढ़ गए हैं। माइग्रेशन सर्टिफिकेट से होने वाली आमदनी भी कम हो गई है, क्योंकि 2024-25 से यह अनिवार्य नहीं रहा। इन परिस्थितियों को देखते हुए, 2025-26 सत्र से शुल्क में लगभग 6.66% वृद्धि की गई है।
AI-पावर्ड डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-23 स्थित CBSE के इंटीग्रेटेड ऑफिस कॉम्प्लेक्स में एक AI-सक्षम डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर बनाया जाएगा। यह केंद्र छात्रों को अत्याधुनिक शैक्षणिक सामग्री और तकनीक से लैस सीखने का माहौल प्रदान करेगा, जिससे उनकी रचनात्मक सोच और नवाचार की क्षमता को बढ़ावा मिलेगा।




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