Edinbox Hindi

विदेश से करनी है पीएचडी तो न हों परेशान, पढ़ने के लिए 20 लाख रुपये तक दे रही सरकार

विदेश से पीएचडी करने का सपना देखने वाले अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए खुशखबरी है। भारत सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय अब ऐसे होनहार विद्यार्थियों को 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देगा, ताकि आर्थिक तंगी उनके सपनों की उड़ान को रोक न सके।

कौन कर सकता है आवेदन?
– पोस्ट ग्रेजुएशन में न्यूनतम 60% अंक प्राप्त हों
– अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष
– परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से कम
– आवेदक SC या ST वर्ग से हो

योजना में क्या मिलेगा?
– हर साल 125 छात्रों को यह वित्तीय सहायता दी जाएगी
– राशि का निर्धारण चुने हुए कोर्स और संस्थान के स्तर के आधार पर होगा
– सहायता में ट्यूशन फीस, वीज़ा, हवाई टिकट और रहने का खर्च शामिल

चयन प्रक्रिया
आवेदन के बाद चयन आपके शैक्षणिक रिकॉर्ड, संस्थान की रैंकिंग और कोर्स के चयन पर निर्भर करेगा। योग्य पाए जाने पर मंत्रालय सीधे वित्तीय सहायता देगा।

समय सीमा
विदेश में पीएचडी पूरी करने के लिए अधिकतम 4 साल का समय मिलेगा।

आवेदन कैसे करें?
इच्छुक उम्मीदवार nosmsje.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। यहां विस्तृत जानकारी, गाइडलाइन और आवेदन फॉर्म उपलब्ध हैं।

उदाहरण
मान लीजिए, दिल्ली का एक SC वर्ग का छात्र, जिसकी उम्र 30 साल है, पोस्ट ग्रेजुएशन में 65% अंक हैं और परिवार की आय 6 लाख रुपये है, अगर उसे ऑक्सफोर्ड या हार्वर्ड में पीएचडी का ऑफर मिलता है, तो इस योजना के तहत उसे 20 लाख रुपये तक की वित्तीय मदद मिल सकती है, जिसमें ट्यूशन फीस से लेकर यात्रा और रहने का खर्च शामिल होगा।

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed