
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गुवाहाटी ने अरविंद मफतलाल समूह द्वारा समर्थित भविष्य-कौशल केंद्रित स्टार्टअप गेट सेट लर्न (GSL) के साथ साझेदारी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्वोशेंट (AIQ) कार्यक्रम की शुरुआत की है।
यह संरचित एआई शिक्षा पहल, IIT गुवाहाटी के प्रमुख ‘प्रोजेक्ट विद्या’ का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य शोध-आधारित पाठ्यक्रम, फैकल्टी-निर्देशित मार्गदर्शन और राष्ट्रव्यापी पहुंच के माध्यम से कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों में डिजिटल और एआई साक्षरता को बढ़ावा देना है।
इस कार्यक्रम के तहत छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की बुनियादी जानकारी हाथ-से-हाथ प्रोजेक्ट्स, डिजिटल गाइडेड लर्निंग और वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने के माध्यम से प्राप्त करेंगे।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताएं
शैक्षणिक गुणवत्ता: IIT गुवाहाटी के साथ सह-विकसित पाठ्यक्रम शोध-आधारित उत्कृष्टता और चरणबद्ध प्रगति सुनिश्चित करता है।
समग्र एआई साक्षरता: AI, रोबोटिक्स, IoT और तकनीक के नैतिक उपयोग को कवर करता है, जिसके लिए पूर्व कोडिंग अनुभव की आवश्यकता नहीं है।
व्यावहारिक सीख: “Absorb, Analyse, Apply, Evaluate, Innovate (A3EI)” मॉडल पर आधारित, 60% से अधिक कार्यक्रम प्रोजेक्ट-केंद्रित है, जिससे छात्र वास्तविक पोर्टफोलियो तैयार कर सकते हैं।
वास्तविक दुनिया की चुनौतियां: छात्र GSL के SOLVE IT प्लेटफॉर्म के जरिए थीमैटिक चुनौतियों का समाधान करते हैं, जिन पर IIT गुवाहाटी के फैकल्टी से फीडबैक मिलता है। “AI स्टोरीटेलिंग” और “आर्ट ऑफ प्रॉम्प्टिंग” जैसे वर्कशॉप इसकी प्रासंगिकता बढ़ाते हैं।
एआई में नैतिकता: एल्गोरिथमिक बायस, डेटा गोपनीयता और जिम्मेदार तकनीकी उपयोग पर एक समर्पित मॉड्यूल।
पाठ्यक्रम की संरचना
AIQ कार्यक्रम तीन प्रगतिशील स्तरों में विभाजित है:
लेवल 1 (कक्षा 6–8): स्टोरीटेलिंग और वास्तविक समस्याओं के समाधान के जरिए एआई की बुनियाद।
लेवल 2 (कक्षा 9–10): जेनएआई टूल्स, रोबोटिक्स और डिजाइन थिंकिंग का व्यावहारिक अनुप्रयोग।
लेवल 3 (कक्षा 11–12): एडवांस्ड मशीन लर्निंग और नैतिक नवाचार।
हर स्तर के लिए IIT गुवाहाटी द्वारा विकसित कस्टम टेक्स्टबुक होगी, जिसे वर्कशॉप, टेक्नोलॉजी इमर्शन और गाइडेड डिजिटल लर्निंग के जरिए पढ़ाया जाएगा।
कार्यक्रम से जुड़ी अन्य जानकारी
पात्रता: कक्षा 6 से 12 तक के छात्र
कोडिंग की आवश्यकता: नहीं
सीखने का मॉडल: 60% प्रैक्टिकल, 40% थ्योरी
उपकरण: GSL का SOLVE IT प्लेटफॉर्म, कस्टम टेक्स्टबुक, लाइव टेक्नोलॉजी इमर्शन
प्रमाणपत्र: IIT गुवाहाटी और गेट सेट लर्न का संयुक्त प्रमाणपत्र
क्रियान्वयन: स्कूल में या हाइब्रिड मोड में लचीला संचालन
कैपस्टोन: IIT फैकल्टी के मास्टरक्लास और वास्तविक प्रोजेक्ट चुनौतियां




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