Edinbox Hindi

सीबीएसई स्कूलों में महंगी किताबें थोपने पर रोक की मांग, हाई कोर्ट में याचिका

दिल्ली हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दाखिल की गई है, जिसमें सीबीएसई से संबद्ध निजी स्कूलों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों से महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य किट जबरन खरीदवाने से रोकने की मांग की गई है। यह याचिका जसमीत सिंह साहनी द्वारा दायर की गई है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि सभी सीबीएसई स्कूलों को केवल एनसीईआरटी की किताबें इस्तेमाल करने का निर्देश दिया जाए और केवल वास्तविक कमी होने की स्थिति में ही निजी प्रकाशकों की किताबें अपनाई जाएं। याचिका में यह भी उल्लेख है कि निजी स्कूलों में किताबों और सामग्री की ऊंची कीमतें ईडब्ल्यूएस बच्चों को अप्रत्यक्ष रूप से शिक्षा से वंचित कर रही हैं। उदाहरण के तौर पर, एनसीईआरटी की किताबों की कीमत लगभग 65 रुपये प्रति पुस्तक होती है, जबकि निजी प्रकाशकों की किताबें 400 से 700 रुपये तक की होती हैं और इन्हें अक्सर किट के रूप में बेचा जाता है।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि निजी स्कूलों द्वारा निजी प्रकाशकों की किताबें थोपना सीबीएसई के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है और शिक्षा के क्षेत्र में अनियंत्रित व्यावसायीकरण को बढ़ावा देता है। इससे परिवारों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ता है और यह शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), सीबीएसई संबद्धता उपनियमों तथा संविधान के अनुच्छेद 14 और 21ए में निहित मौलिक गारंटियों का भी उल्लंघन करता है।

 

Asmita Sarkar

Add comment

Recent posts

Most popular

Most discussed