
जेएनयू में नई हाई-टेक लाइब्रेरी प्रवेश प्रणाली को लेकर छात्र संघ में विवाद तेज हो गया है। यह टकराव नियमों और छात्रों की सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की डॉ. बी.आर. आंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में बाहरी छात्रों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए फेस रिकग्निशन आधारित अत्याधुनिक प्रवेश प्रणाली लागू की जा रही है। इस निर्णय के खिलाफ कुछ छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे फिलहाल मशीन लगाने की प्रक्रिया रोक दी गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि यह व्यवस्था लाइब्रेरी के उपयोग को सीमित कर देगी, जिससे पीएचडी और अन्य छात्रों के अध्ययन पर असर पड़ेगा।
जेएनयू छात्र संघ के संयुक्त सचिव वैभव मीणा ने इस नई व्यवस्था का स्वागत किया है, जबकि छात्र संघ की सचिव मुंतेहा फातिमा का आरोप है कि हाल की घटनाओं के बाद प्रशासन छात्रों के पढ़ने के अधिकार को सीमित कर रहा है।
हाल ही में लाइब्रेरी के रीडिंग रूम में टेबल पर जातिसूचक और आपत्तिजनक शब्द लिखने की घटना सामने आई थी। जांच में दो पूर्व छात्रों को दोषी पाया गया और उन पर प्रतिबंध लगाया गया।
छात्र संघ ने इस मामले में पुलिस की तेज कार्रवाई की सराहना की और दोषियों को सजा देने की मांग की। संघ ने कहा कि ब्राह्मणवादी जातिवाद या किसी भी तरह के भेदभाव के लिए विश्वविद्यालय में कोई जगह नहीं है।




Add comment