
12वीं के बाद एडमिशन की भागदौड़ में कई छात्र ऐसे संस्थानों का शिकार हो जाते हैं, जो दिखने में यूनिवर्सिटी जैसे लगते हैं लेकिन असल में फर्जी होते हैं। इनसे मिलने वाली डिग्रियां यूजीसी (UGC) के मानकों पर खरी नहीं उतरतीं और इनकी कोई वैधता नहीं होती।
असली यूनिवर्सिटी कैसी होती है?
किसी भी यूनिवर्सिटी को डिग्री जारी करने का अधिकार तभी मिलता है, जब वह —
– राज्य, केंद्र या प्रांतीय अधिनियम से स्थापित हो, या
– UGC Act, 1956 के तहत मान्यता प्राप्त हो।
– साथ ही, टेक्निकल कोर्सेज के लिए कई बार AICTE की मान्यता भी आवश्यक होती है।
फर्जी यूनिवर्सिटी की पहचान कैसे करें?
– बेहद कम फीस और गारंटीड प्लेसमेंट का लालच।
– असामान्य रूप से कम अवधि वाले कोर्स।
– वेबसाइट पर फैकल्टी और प्रोग्राम्स की अधूरी जानकारी।
– UGC की आधिकारिक सूची में नाम न होना।
यूजीसी की हालिया कार्रवाई
मार्च 2025 में UGC ने एक परिपत्र जारी कर कई राज्यों की फर्जी यूनिवर्सिटी की सूची जारी की। इसमें दिल्ली, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के संस्थान शामिल थे।
छात्रों के लिए ज़रूरी सलाह
– एडमिशन से पहले हमेशा ugc.gov.in पर संस्थान की मान्यता जांचें।
– मौजूदा या पूर्व छात्रों से जानकारी लें।
– किसी फर्जी यूनिवर्सिटी की सूचना मिलने पर ugcampc@gmail.com पर मेल कर शिकायत करें।




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