
Stay Fit Run India के ज़रिये राष्ट्र की वेलनेस क्रांति को गति दे रही महिला उद्यमी प्रज्ञा दास सिंह से ख़ास बातचीत
भारत की नई पीढ़ी में कुछ ऐसे प्रेरक चेहरे सामने आ रहे हैं, जो केवल सपने नहीं देखते, बल्कि उन्हें अपने विचार, जुनून और निरंतरता से साकार भी करते हैं। Positive Synergy की सह-संस्थापक और निदेशक प्रज्ञा दास सिंह, उन्हीं अग्रणी महिलाओं में से हैं, जिन्होंने कम आयु में ही यह सिद्ध कर दिखाया कि परिवर्तन लाने के लिए न उम्र मायने रखती है, न सीमित संसाधन, अगर कुछ मायने रखता है तो बस सोच, निष्ठा और संकल्प।
प्रज्ञा के नेतृत्व में आरंभ हुआ ‘Stay Fit Run India’ सिर्फ एक रनिंग इवेंट नहीं, बल्कि शरीर और मन दोनों की हेल्थ को समाज के केंद्र में लाने वाला एक विराट जनांदोलन है, एक राष्ट्रीय वेलनेस क्रांति जिसने छोटे कस्बों से लेकर महानगरों तक हज़ारों लोगों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, जागरूकता और बदलाव का संचार किया है। यही कारण है कि आज यह देश का अग्रणी वेलनेस अभियान बन चुका है, जिसमें तन की तंदुरुस्ती, मानसिक संतुलन और समुदाय की शक्ति, तीनों का एक नया प्रतिमान गढ़ा जा रहा है। हाल ही में उनके साथ एड-इनबॉक्स के संपादक रईस अहमद ‘लाली’ का विस्तार से संवाद हुआ, पेश हैं उस बातचीत के कुछ अंश…
▫️सफलता की कहानी
प्रश्न- प्रज्ञा जी इतनी कम उम्र में Positive Synergy की स्थापना के साथ एक प्रभावशाली उद्यमी बनने का सफर आपने कैसे तय किया? आपकी सबसे बड़ी प्रेरणा क्या रही?
उत्तर: बचपन से ही मैं हर चुनौती को स्वीकारने के लिए तत्पर थी, चाहें पढ़ाई हो, सांस्कृतिक गतिविधियां हो या खेल। शुरुआत में मेरी उपलब्धियां मुझे प्रेरणा देती रहीं, परंतु जीवन के बदलते दौर में मैं औसत विद्यार्थी बन के रह गई। फिर भी मेरे मन के भीतर हमेशा यह दृढ़ विश्वास था कि मैं कुछ अलग कर सकती हूं। करीब एक दशक के कॉर्पोरेट अनुभव के बाद जब जीवन की एकरसता तोड़ने की आवश्यकता महसूस हुई, तभी अपनी इच्छाशक्ति के बल पर ‘Positive Synergy Productions‘ का बीज रोपा। नवाचार, प्रयोग और साहस ने मेरे उद्यमी सफर को एक सार्थक उद्देश्य और रोमांच से भर दिया।
▫️महिला नेतृत्व की चुनौतियां
प्रश्न- महिला उद्यमिता में कदम रखते हुए किस प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा और आपने उन्हें कैसे पार किया?
उत्तर: एक महिला के रूप में अक्सर मेरी नेतृत्व क्षमताओं को लेकर संदेह किया गया। संसाधनों की कमी और बड़े अवसरों का सहज न मिलना सामान्य रहा। किंतु मैं हर चुनौती को एक सीख और सीढ़ी मानती रही। दृढ़ता, पारदर्शिता और सहयोग मांगने का साहस मेरी सबसे बड़ी शक्ति बना।
▫️व्यक्तित्व निर्माण
प्रश्न- आपकी प्रारंभिक शिक्षा, पारिवारिक परिवेश और कॉलेज जीवन ने आपके दृष्टिकोण को किस प्रकार गढ़ा?
उत्तर: मेरे पालन-पोषण ने अनुशासन व करुणा दी, प्रारंभिक शिक्षा ने जिज्ञासा और ठोस आधार, वहीं कॉलेज जीवन ने टीम भावना और नेतृत्व का एहसास कराया। मेरे अनुभवों ने मुझे सिखाया कि विवेक, विश्वास और सहयोग से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
▫️समाज की जरूरत
प्रश्न- आज की जीवनशैली में, विशेषकर छोटे शहरों व ग्रामीण अंचलों में, वेलनेस और स्वास्थ्य जागरूकता को विस्तार देना क्यों आवश्यक हो गया है?
उत्तर: इन क्षेत्रों में आज भी लोग उपचार को ज्यादा गंभीर मानते हैं, रोकथाम की समझ सीमित है। वेलनेस अभियान समुदायों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी, निवारक सोच और सक्रियता को प्रोत्साहित कर नई संस्कृति गढ़ते हैं।
▫️मूवमेंट की शुरुआत
प्रश्न- Stay Fit Run को पैन इंडिया अभियान बनाने की प्रेरणा कहां से मिली और इसके पीछे आपका मुख्य विज़न क्या था?
उत्तर: विचार यह था: “अगर देश के लोग किसी कारणवश एक साथ दौड़ सकते हैं तो क्यों न स्वास्थ्य, मानसिक तंदरुस्ती और सामाजिक सहभागिता के लिए भी इस एकजुटता का लाभ उठाएं” हमारा विज़न था कि स्थानीय व्यापार, समुदाय, युवा और महिलायें साथ मिलकर एक नए प्रभावशाली हेल्थ कैम्पेन का निर्माण करें।
▫️समस्या और समाधान
प्रश्न- हेल्थ और वेलनेस के क्षेत्र में सबसे बड़ी चुनौतियां आपको क्या लगती हैं; इनका समाधान क्या है?
उत्तर: सबसे बड़ी बाधा हमारे समाज की मानसिकता व जड़ता है, लोग तब तक लापरवाह रहते हैं जब तक उनका स्वास्थ्य बिगड़ न जाए, और दूसरा, जानकारी व संसाधनों की पहुँच सीमित है। समाधान यही है—‘Stay Fit Run’ जैसी जमीनी कदम उठाये जायें, जहां लोग स्वेच्छा से जुड़ें, बदलाव को अनुभव करें और हमारे युवा समाज को आगे बढ़ायें।
▫️महिला सशक्तिकरण व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मिशन से जुड़ाव
प्रश्न- आप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ मिशन से कितनी प्रेरित हैं? क्या आपके अभियान को सरकार से समर्थन मिल रहा है?
उत्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘फिट इंडिया’ पहल न केवल दूरदर्शी है, बल्कि राष्ट्रीय जीवनशैली में बदलाव की संवाहक भी है। हमारे अभियान को भी ‘World Cycling Day’ पर ‘Fit India’ के साथ जुड़ने और सार्वजनिक व निजी क्षेत्र से प्रोत्साहन मिला। आने वाले समय में हमने इन्हीं सरकारी अभियानों से आन्दोलन को गहराई से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसलिए हम केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से अपील करते हैं कि वे हमारे कैम्पेन को सफल बनाने के लिए हमारी मदद करें।
▫️मेंटल वेलनेस की सोच
प्रश्न- फिटनेस के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को आपके अभियान का अभिन्न हिस्सा बनाने की प्रेरणा क्या रही?
उत्तर: अपने प्रियजनों को टेंशन और स्ट्रेस में उलझा देखकर हरदम एहसास होता है कि कम्पलीट हेल्थ तभी संभव है जब मन और तन दोनों स्वस्थ हों। इसी सोच से ‘Stay Fit Run’ के साथ समय समय पर वेलनेस कैम्प, वेबिनार, पॉडकास्ट, व्यायाम प्रशिक्षण और स्ट्रेस मैनेजमेंट सत्र शुरू किए ताकि संवाद सिर्फ दौड़ तक सीमित न रहे।
▫️सक्रिय भागीदारी
प्रश्न- युवाओं, महिलाओं, अभिभावकों और सीनियर सिटीज़न की भागीदारी बढ़ाने के लिए आपने कौन-सी पहलें की गईं?
उत्तर: युवा वर्ग के लिए डिजिटल चैलेंज व सोशल मीडिया को साधा, अभिभावकों को ‘रोल मॉडल बनो’ कार्यक्रम से प्रेरित किया और महिलाओं हेतु उनके अनुभवों पर केन्द्रित संवाद पेश किए। सीनियर सिटीज़न के अनुभवों से बहुत कुछ सीखने को मिल सकता है इसलिए उनकी भागीदारी के बिना यह कैम्पेन अधूरा है।
▫️विरोध व समाधान
प्रश्न- क्या अभियान के दौरान आपको विरोध या नकारात्मक प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ा, आपने उनका समाधान कैसे किया?
उत्तर: कुछ लोगों ने शुरुआत में इसे केवल शो-पीस समझा, परंतु समाज में जब सामने से सपोर्ट व भरोसा मिलने लगे और लोग आगे बढ़कर समाज के हित के लिए आन्दोलन से जुड़ने लगें तो नकारात्मकता स्वतः ही निष्प्रभावी हो जाती है। समर्थकों का विश्वास हमारी सबसे बड़ी ताकत रहा।
▫️परिवार और समाज की भूमिका
प्रश्न- परिवार और समाज की साझीदार भूमिका को लेकर आपका अनुभव क्या है? यदि कोई विशेष घटना याद आ रही हो तो उसे साझा करें।
उत्तर: जब परिवार साथ दौड़ता है, तो संदेश साफ होता है कि हेल्थ एक साझा मूल्य है, एक साझी विरासत है। नोएडा के ‘Stay Fit Run’ में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों को साथ दौड़ते देखना मेरे लिए एक मील का पत्थर था, हमारी टीम के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया, दरअसल इससे पूरे समुदाय में नई सोच और अनुकरणीय पहल को बल मिला।
▫️आगे की दिशा
प्रश्न- भविष्य में Stay Fit Run और क्या करने जा रहा है? आपकी दीर्घकालिक रणनीति क्या है?
उत्तर: मेरा सपना है कि ‘Stay Fit Run India’, देश का सबसे बड़ा जमीनी फिटनेस व वेलनेस कैम्पेन बने। हमारी तो यही रणनीति है कि टियर 2-3 टाइप के शहर, स्कूल-कॉलेज व कॉर्पोरेट्स से स्वास्थ्य-संस्कृति को गहराई से जोड़ना। अनुभवी टीम, विशेषज्ञ चिकित्सकों और डिजिटल मीडिया अभियानों के ज़रिए स्थानीय स्तर से राष्ट्रीय अभियान तक हेल्थ और वैलनेस का विस्तार हमारा ध्येय है।
▫️पारिवारिक व गुरु प्रेरणा
प्रश्न- आपके माता-पिता, जीवनसाथी या मार्गदर्शक का आपके जीवन व नेतृत्व में क्या योगदान रहा?
उत्तर: मेरे माता-पिता ने मुझे अनुशासन और करुणा की शिक्षा दी, जीवनसाथी का समर्थन व बेटे का विश्वास हमेशा मेरी ऊर्जा बने। कठिन समयों में उनका संबल हमें दिशा और साहस देता रहा। आज भी पिता की कही पंक्ति कि”अगर तुम्हारा सपना तुम्हें डराता नहीं, तो वह पर्याप्त बड़ा नहीं है” मुझे हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
▫️नयी पीढ़ी, विशेषकर युवतियों के लिए संदेश
प्रश्न- शिक्षा, फिटनेस, सामाजिक जागरूकता व नेतृत्व के विषय में आप अपने अनुभव से क्या प्रेरणा देना चाहेंगी?
उत्तर: वर्ग विशेषकर लड़कियों व महिलाओं से यही कहूंगी कि स्वयं की हेल्थ पर निवेश करो: शिक्षा से विवेक, फिटनेस से आत्मबल, जागरूकता से विस्तार और नेतृत्व से साहस हासिल होता है। अपने सामर्थ्य पर विश्वास रखिए कि आप समाज में बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं।
▫️जनसहभागिता और साझेदारी
प्रश्न- Stay Fit Run इंडिया में आम जनता, संस्थायें और कॉरपोरेट जगत कैसे भागीदारी निभा सकते हैं?
उत्तर: यह कैम्पेन तभी देशव्यापी बन सकता है जब देश का हर वर्ग, जनमानस, विद्यालय और कॉरपोरेट इसे अपनाए। नागरिक स्वयं दौड़ में हिस्सा लें या स्वयंसेवा करें; विद्यालयों में इसे छात्रों की गतिविधियों से जोड़ा जाए, कॉरपोरेट्स CSR और वेलनेस अभियानों के तहत इसे अपनायें। हम सबके साझा प्रयासों से ही वेलनेस को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी। ज्यादा जानकारी के लिए आप मेरी टीम से सीधे संपर्क कर सकते हैं। हमारा ईमेल – stayfitrunevent@gmail.com
▫️ Stay Fit Run का तीन शब्दों में सार
प्रश्न- अगर आपको Stay Fit Run को तीन शब्दों में परिभाषित करना हो, वे कौन-से होंगे?
उत्तर: स्वास्थ्य – समुदाय – नवपरिवर्तन
प्रज्ञा दास सिंह ने अपने जुनून और दृष्टिकोण से यह साकार किया है कि एक महिला उद्यमी न केवल अपने सपनों को पहचान सकती है, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे सकती है। ‘Stay Fit Run’ आज केवल एक मुहिम नहीं, बल्कि ऐसा आंदोलन है, जिसने फिटनेस को मानसिक स्वास्थ्य से जोड़कर उसे भारतवासियों के जीवन का अहम हिस्सा बना दिया है। निश्चित ही, यह अभियान निकट भविष्य में न सिर्फ भारत, बल्कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में स्वास्थ्य व वेलनेस के मायनों को पुनर्परिभाषित करने की क्षमता रखता है।




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