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एऑन कैंपस स्टडी रिपोर्ट 2025-26: भारत में हायरिंग ट्रेंड्स, वेतन और डाइवर्सिटी पर बड़ा खुलासा

वैश्विक प्रोफेशनल सर्विसेज कंपनी Aon plc ने अपना 14वां कैंपस स्टडी रिपोर्ट 2025-26 जारी किया है। इस रिपोर्ट में भारत के कैंपस हायरिंग परिदृश्य का विस्तृत विश्लेषण किया गया है। 220 से अधिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं पर आधारित यह रिपोर्ट भर्ती, वेतन संरचना, ऑनबोर्डिंग, विविधता, समानता, समावेशन (DEIB) और संगठनात्मक संस्कृति जैसे पहलुओं को कवर करती है, जिससे आने वाले प्लेसमेंट सीजन के लिए अहम जानकारियां सामने आई हैं।

हायरिंग सेंटिमेंट्स: सकारात्मक रुझान
रिपोर्ट के अनुसार कैंपस हायरिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लगभग 73% संगठन मध्यम से उच्च स्तर तक वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं। इस बढ़त के पीछे वित्तीय संस्थान, लाइफ साइंसेज और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर अहम भूमिका निभा रहे हैं।

भारत का नेट एम्प्लॉयमेंट आउटलुक 43% है, जो वैश्विक औसत से कहीं ऊपर है। 40% से अधिक कंपनियां FY26 में अपने वर्कफोर्स को 10% से ज्यादा बढ़ाने की योजना बना रही हैं। आईटी, इंडस्ट्रियल व मटीरियल्स और हेल्थकेयर सेक्टर में सबसे तेज़ी से अवसर बढ़ रहे हैं।

बदलते कैंपस हायरिंग प्रैक्टिसेज
कैंपस भर्ती का पैटर्न भी बदल रहा है। पहले जहां जून-जुलाई में हायरिंग होती थी, वहीं अब 47% भर्ती अगस्त-सितंबर में हो रही है।

कंपनियां अब इंटर्नशिप, वर्कशॉप और प्री-प्लेसमेंट ऑफर्स के जरिए छात्रों से जल्दी जुड़ रही हैं ताकि लंबी अवधि के लिए टैलेंट पाइपलाइन बनाई जा सके। अब जोर डिग्रियों से हटकर स्किल्स-बेस्ड हायरिंग पर है, जिससे बिजनेस की बदलती जरूरतों के अनुसार प्रतिभा तैयार की जा सके।

एऑन इंडिया के पार्टनर रूपांक चौधरी ने कहा, “भारत की कैंपस हायरिंग लगातार विकसित हो रही है। संगठन अब बड़े पैमाने पर भर्ती से हटकर सही स्किल्स वाले उम्मीदवारों, शुरुआती जुड़ाव और लंबे समय तक रिटेंशन पर फोकस कर रहे हैं।”

वेतन रुझान
वेतन वृद्धि फिलहाल मध्यम स्तर पर है। कंपनियां स्थायी वेतन की बजाय वेरिएबल पे और जॉइनिंग बोनस पर ज्यादा जोर दे रही हैं।

MBA ग्रेजुएट्स के लिए:
– 67% कंपनियां शॉर्ट-टर्म इंसेंटिव/वेरिएबल पे दे रही हैं।
– 49% कंपनियां जॉइनिंग बोनस दे रही हैं।
– 78% कंपनियां 11–14% तक वेरिएबल पे ऑफर कर रही हैं।

ग्रेजुएट हायरिंग में वेतन स्थिर है, लेकिन जॉइनिंग बोनस का चलन 28% से बढ़कर 77% हो गया है।

BTech और MTech के लिए वृद्धि मामूली रही है। यहां फोकस अभी भी IITs और टियर-1 कॉलेजों पर है, जबकि टियर-2 और टियर-3 संस्थानों में गतिविधियां कम हो रही हैं।

टैलेंट रिटेंशन और कल्चर पर फोकस
कंपनियां अब उम्मीदवार के साथ कल्चरल अलाइनमेंट को ज्यादा अहमियत दे रही हैं। 53% संगठनों ने बताया कि परफॉर्मेंस और संस्कृति के बीच सीधा संबंध है। लगभग 90% कंपनियां HR इंटरव्यू और बिहेवियरल असेसमेंट्स के जरिए कल्चर फिट का मूल्यांकन करती हैं।

MBA और BTech उम्मीदवारों में प्रारंभिक छोड़ने की प्रवृत्ति (Early Attrition) एक चुनौती बनी हुई है। इसी वजह से कंपनियां लर्निंग एंड डेवलपमेंट (L&D), रिवॉर्ड्स और रिकग्निशन प्रोग्राम्स में निवेश कर रही हैं।

इसके साथ ही हेल्थ और वेलनेस पर भी कैंपस और लेटरल दोनों हायरिंग के लिए फोकस बढ़ गया है।

विविधता और समावेशन प्रयास
50% से अधिक संगठन जेंडर रेशियो टारगेट्स सेट कर चुके हैं ताकि महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके। हालांकि, महिला-केवल कॉलेजों से भर्ती कम होने के कारण टियर-2 और टियर-3 शहरों की प्रतिभा अभी भी कम इस्तेमाल हो रही है।

भर्ती प्रक्रिया में अब AI-बेस्ड असेसमेंट्स, गेमिफाइड टेस्ट्स और ऑफलाइन इंटरव्यू का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कंपनियां सुनिश्चित कर रही हैं कि ये सिस्टम बायस-फ्री और ट्रांसपेरेंट हों।

संगठन अब ऑफर-टू-जॉइनिंग रेशियो, जेंडर डाइवर्सिटी रेशियो और इंटर्नशिप-टू-PPO कन्वर्ज़न रेशियो जैसे मैट्रिक्स ट्रैक कर रहे हैं। इनका स्तर इस साल काफी बेहतर हुआ है, जो डाइवर्सिटी, प्री-जॉइनिंग एंगेजमेंट और कन्वर्ज़न रेट्स पर मजबूत फोकस को दर्शाता है।

Asmita Sarkar

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