
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) 2025 चुनावों में इस बार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार प्रदर्शन किया। एबीवीपी ने अध्यक्ष समेत तीन पदों पर जीत हासिल की, जबकि कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई एक ही पद पर सिमट गई।
अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के आर्यन मान ने एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी को 16,196 वोटों के अंतर से हराया। उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के राहुल झांसला ने एबीवीपी उम्मीदवार गोविंद तंवर को 29,339 बनाम 20,547 वोटों से मात देकर एकमात्र जीत दर्ज की।
सचिव पद पर एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने 23,779 वोट पाकर एनएसयूआई के कबीर को हराया, जबकि संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी की दीपिका झा ने लवकुश भड़ाना को हराकर जीत अपने नाम की।
वामपंथी संगठनों एसएफआई और आइसा को इस बार भी कोई सफलता नहीं मिली।
चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने एक्स पर लिखा कि पार्टी ने “एक अजीब चुनाव” में न केवल एबीवीपी बल्कि डीयू प्रशासन, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, आरएसएस-भाजपा और दिल्ली पुलिस की ताकत के खिलाफ भी संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि “फिर भी डीयू के हजारों छात्र हमारे साथ खड़े रहे और हमारे उम्मीदवारों ने दमदार प्रदर्शन किया। जीत-हार से परे एनएसयूआई हमेशा आम छात्रों और उनके मुद्दों की लड़ाई लड़ेगी।”
गौरतलब है कि 2024 के डूसू चुनावों में एनएसयूआई ने सात साल बाद अध्यक्ष और संयुक्त सचिव पद जीते थे, जबकि एबीवीपी ने उपाध्यक्ष और सचिव पद अपने पास रखे थे।




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