
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने गोदावरीश आदर्श विद्यालय (GAV) योजना के तहत अगले तीन वर्षों में 2,200 नए प्राथमिक विद्यालय स्थापित करने के लिए 12,000 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक, जिसकी अध्यक्षता स्वयं मुख्यमंत्री ने की, में 226 करोड़ रुपये की लागत से क्योंझर जिले के घाटगांव स्थित मां तारिणी मंदिर के सौंदर्यीकरण और विकास सहित तीन अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई।
प्रत्येक पंचायत में एक आदर्श विद्यालय
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री माझी ने बताया कि जीएवी योजना के अंतर्गत हर ग्राम पंचायत में कम से कम एक आदर्श प्राथमिक विद्यालय विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती बीजू जनता दल (बीजद) सरकार के 24 साल के शासन में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई थी और 5टी परिवर्तन मॉडल के नाम पर केवल विद्यालयों की दीवारों पर रंग-रोगन किया गया।
5टी पहल बीजद सरकार का शासन मॉडल था, जो टीमवर्क, पारदर्शिता, प्रौद्योगिकी, समय और परिवर्तन पर आधारित था।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में कदम
माझी ने कहा कि राज्य सरकार ने प्राथमिक शिक्षा को नई दिशा देने और आरटीई अधिनियम 2009 के तहत समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जीएवी योजना को मंजूरी दी है। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और निपुण ओडिशा के दृष्टिकोण के अनुरूप भी है।
पहले चरण में 2025-26 से 2027-28 के बीच 12,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से 2,200 विद्यालय बनाए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल पर औसतन 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि वास्तविक लागत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के आधार पर तय होगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कवि गोदावरीश मिश्र के नाम पर शुरू की गई यह योजना, राज्य के बच्चों को समान अवसर और बेहतर शिक्षा देने की दिशा में एक परिवर्तनकारी पहल है।




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