
सरकार ने चाय की किस्म, खुशबू और गुणवत्ता का विश्लेषण करने वाले विशेषज्ञ (सोमेलियर) तथा चाय स्वाद परीक्षण (टी टेस्टर) से जुड़े कौशल पाठ्यक्रमों की शुरुआत की है। इन पाठ्यक्रमों को राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (NCVET) ने अनुमोदित किया है। शुभारंभ वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने किया।
उद्देश्य और लाभ
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, भारतीय चाय बोर्ड के इन कोर्सेज का मकसद युवाओं को विशिष्ट कौशल प्रदान करना और चाय साक्षरता को बढ़ावा देना है।
– प्रशिक्षण कार्यक्रम दार्जिलिंग चाय अनुसंधान एवं विकास केंद्र, कुर्सियांग में आयोजित किए जाएंगे।
– इनसे प्रशिक्षार्थियों को चाय की किस्म, स्वाद और गुणवत्ता पहचानने में विशेषज्ञता मिलेगी।
शिक्षा में कौशल आधारित बदलाव
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही में कहा था कि सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत 11वीं और 12वीं कक्षा में स्किल-बेस्ड कोर्सेज शामिल करने पर काम कर रही है।
उन्होंने आईआईटी मद्रास में दक्षिणापथ शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान कहा, “पहले शिक्षा केवल डिग्री और प्रमाणपत्र तक सीमित थी। अब हमें छात्रों को वास्तविक कौशल और क्षमता से सशक्त बनाना होगा।”




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