
SNU (Sister Nivedita University) SURGE की प्रमुख प्रो. मीनल पारीक से ख़ास बातचीत
उच्च शिक्षा में कई लोग बड़े पदों पर होते हैं, लेकिन असली बदलाव लाने वाले लोग बहुत कम होते हैं। प्रो. मीनल पारीक उन नेतृत्वकर्ताओं में से हैं, जो केवल विचार नहीं रखतीं, बल्कि उन विचारों को धरातल पर भी उतारती हैं। पिछले 20 वर्षों में उन्होंने विश्वविद्यालयों की सोच, काम करने के तरीके और मीडिया शिक्षा को एक नए स्तर पर पहुंचाया है।
उनके लिए विश्वविद्यालय सिर्फ क्लासरूम नहीं होते—बल्कि एक ऐसा माहौल होता है, जहाँ रचनात्मकता, तकनीक और वैश्विक सोच साथ मिलकर काम करती है। मीडिया लैब, प्रोडक्शन स्टूडियो, डिजिटल टीवी प्लेटफॉर्म, इंटरनेशनल सहयोग और बड़े संस्थानों की ब्रांडिंग—इन सभी में उनका नेतृत्व साफ नजर आता है।
यूएस स्टेट डिपार्टमेंट की IVLP फेलोशिप, फेमिना विमेन अचीवर्स अवार्ड और कई नेतृत्व सम्मान उनकी उपलब्धियों को और मजबूत करते हैं। आज वे SNU SURGE की प्रमुख हैं—एक ऐसी कंसल्टेंसी डिविजन जो डिजिटल और ब्रांडिंग समाधान प्रदान करती है और छात्रों को उद्योग से जोड़ने में अहम भूमिका निभाती है।
Edinbox के लिए निबेदिता सेन ने उनसे मीडिया शिक्षा, विश्वविद्यालयों की नई जरूरतों और भविष्य की तैयारी पर विस्तार से बात की। पेश है बातचीत के प्रमुख अंश:
- आज के शॉर्ट-फॉर्म और इंफ्लुएंसर-ड्रिवन दौर में मीडिया शिक्षा कैसे बदले?
मीडिया लगातार बदल रहा है, इसलिए पढ़ाई सिर्फ सिद्धांत आधारित नहीं रह सकती। SNU में शिक्षा को क्रिएटर-सेंट्रिक बनाया जा रहा है—जहां छात्र मीडिया को समझते भी हैं और उसमें सक्रिय रूप से शामिल होते हैं। इसमें कंटेंट प्रोडक्शन का व्यावहारिक अनुभव, रियल-टाइम एनालिटिक्स, प्लेटफॉर्म लिटरेसी, डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग शामिल है।
हम छात्रों को वायरलिटी, ऑडियंस बिहेवियर और इंफ्लुएंसर इकोसिस्टम की समझ भी देते हैं। आज के छात्रों को तेज, रचनात्मक और तुरंत सीखने वाले डिजिटल स्टोरीटेलर बनना होगा—और हम उन्हें उसी दिशा में तैयार कर रहे हैं।
- सिस्टर निवेदिता यूनिवर्सिटी में डिजिटल मार्केटिंग को अलग-अलग विषयों से कैसे जोड़ा गया है?
SNU SURGE के जरिए हर संकाय के छात्र डिजिटल स्किल सीखते हैं—इंटर्नशिप, सर्टिफिकेशन, लाइव प्रोजेक्ट और कंसल्टेंसी के माध्यम से। डिजिटल मार्केटिंग SNU में पूरी तरह क्रॉस-डिसिप्लिनरी है। विभिन्न विषयों में इसका उपयोग किया जा रहा है।
मीडिया छात्र डिजिटल स्टोरीटेलिंग, प्लेटफॉर्म रणनीति, एनालिटिक्स सीखते हैं जबकि मैनेजमेंट के छात्र डिजिटल कंज्यूमर बिहेवियर, परफॉर्मेंस मार्केटिंग। आईटी छात्र MarTech सिस्टम, ऑटोमेशन, AI आधारित प्लेटफॉर्म समझ हासिल करते हैं, तो डिज़ाइन के छात्र डिजिटल ब्रांडिंग, UI/UX, विज़ुअल स्ट्रेटेजी की बारीकियां सीखते हैं।
- ‘कैंपस-टू-कार्पोरेट’ रेडीनेस के लिए SNU ने क्या कदम उठाए हैं?
SNU से छात्र सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि वास्तविक अनुभव और इंडस्ट्री-रेडी पोर्टफोलियो के साथ निकलते हैं।
इसके लिए हमने मजबूत ढांचा बनाया है:
– वर्क-इंटीग्रेटेड लर्निंग और अनिवार्य इंटर्नशिप
– इंडस्ट्री-अलाइन पाठ्यक्रम और रियल क्लाइंट ब्रीफ
– SNU SURGE के जरिए लाइव कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट
– संचार, टीमवर्क, प्रेजेंटेशन और इंटरव्यू स्किल मॉड्यूल
– पोर्टफोलियो डेवलपमेंट, मेंटरशिप और प्लेसमेंट ट्रेनिंग
इन सबके कारण छात्र कॉर्पोरेट दुनिया के लिए पूरी तरह तैयार होते हैं।
- छात्र-निर्मित कंटेंट विश्वविद्यालय की छवि पर कितना असर डालता है?
– आज के समय में छात्र-निर्मित कंटेंट सबसे प्रभावी ट्रस्ट-बिल्डिंग टूल है। जब छात्र अपने अनुभव, क्लास प्रोजेक्ट, स्टूडियो वर्क और कैंपस लाइफ साझा करते हैं, तो एक असली और भरोसेमंद छवि बनती है—जो किसी विज्ञापन से बेहतर काम करती है। छात्र अपने आप में ब्रांड एंबेसडर बन जाते हैं।
आज के अभ्यर्थी छात्रों का विश्वास छात्रों पर होता है, न कि ब्रोशर पर। इसलिए SNU छात्रों को कंटेंट बनाने के लिए प्रोत्साहन और प्रशिक्षण दोनों देता है।
- SNU में मीडिया शिक्षा के भविष्य को लेकर आपका विज़न क्या है?
– SNU का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में विश्वविद्यालय को भारत का सबसे फ्यूचर-ड्रिवन मीडिया शिक्षा केंद्र बनाया जाए। अगले 3–5 वर्षों में हम जिन क्षेत्रों में विस्तार कर रहे हैं, उनमें शामिल हैं:
– AI आधारित कंटेंट क्रिएशन और न्यूज़रूम ऑटोमेशन
– AR/VR, मिक्स्ड रियलिटी और इमर्सिव स्टोरीटेलिंग
– क्रिएटर इकोनॉमी, इंफ्लुएंसर ब्रांडिंग, डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप
– एडवांस मीडिया एनालिटिक्स और ऑडियंस इंटेलिजेंस
– सोशल इम्पैक्ट कम्युनिकेशन और सस्टेनेबिलिटी नैरेटिव्स
भविष्य का मीडिया तकनीक, रचनात्मकता, विश्लेषण और वैश्विक सोच—इन सभी का मिश्रण होगा।
SNU का प्रयास है कि उसके छात्र इस बदलाव का नेतृत्व करें।




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