
अमेरिका को दुनिया की सबसे बेहतर उच्च शिक्षा प्रणाली वाला देश माना जाता है। यहां की टॉप यूनिवर्सिटीज से डिग्री लेने वाले छात्रों को वैश्विक स्तर पर अच्छी नौकरी, बेहतर पैकेज और तेज़ करियर ग्रोथ मिलती है। यही वजह है कि हर साल लाखों भारतीय छात्र अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेते हैं, उम्मीद के साथ कि डिग्री मिलते ही उन्हें उच्च वेतन वाली नौकरी भी मिल जाएगी।
दरअसल, भारतीय छात्रों का मुख्य उद्देश्य केवल विदेश में पढ़ाई नहीं, बल्कि उस देश में एक मजबूत करियर बनाना भी होता है। ब्रिटेन की सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन द्वारा कमीशन की गई एक रिसर्च और आर्लिंग्टन रिसर्च के सर्वे में सामने आया है कि भारतीय छात्र ऐसे कोर्सेज चुनना चाहते हैं, जो सीधे नौकरी तक पहुंचाएं। यही सोच अमेरिका जाने वाले छात्रों में भी नजर आती है—वे उन डिग्रियों को प्राथमिकता देते हैं, जिनसे रोजगार की संभावना मजबूत हो।
किन कोर्सेज से दूर रहें? न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व की स्टडी से खुलासा
न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व ने हाल ही में एक अध्ययन किया, जिसमें यह बताया गया कि अमेरिका में कौन-सी डिग्रियां छात्रों को डिग्री लेने के 5 साल बाद भी कम आय वाले रोजगार में रखती हैं। अध्ययन में उन कोर्सेज की पहचान की गई है जिन्हें पढ़ने वाले छात्रों की औसत वार्षिक सैलरी अपेक्षाकृत कम है।
नीचे वे 10 डिग्रियां दी गई हैं जिनसे जुड़े छात्रों को 5 साल बाद भी अपेक्षा के अनुसार सैलरी नहीं मिल रही:
अमेरिका के 10 कोर्सेज जिनसे मिल रही है कम सैलरी (वार्षिक औसत आय)
- लिबरल आर्ट्स — ₹34 लाख
- परफॉर्मिंग आर्ट्स — ₹34 लाख
- थियोलॉजी और रिलीजन — ₹34 लाख
- लीजर और हॉस्पिटैलिटी — ₹35.50 लाख
- जनरल सोशल साइंस — ₹36 लाख
- इतिहास (History) — ₹36 लाख
- बायोलॉजिकल साइंस — ₹36 लाख
- फाइन आर्ट्स — ₹36 लाख
- ट्रीटमेंट थेरेपी — ₹36 लाख
- न्यूट्रीशन साइंस — ₹36 लाख
क्यों करें इन कोर्सेज से दूरी?
अध्ययन बताता है कि इन विषयों में नौकरी के अवसर सीमित हैं और शुरुआती पैकेज अन्य प्रोफेशनल डिग्रियों की तुलना में काफी कम रहता है। भारत से जाने वाले ज्यादातर छात्र भारी खर्च कर अमेरिका पहुंचते हैं और ऐसे में उनकी पहली उम्मीद एक स्थिर और अच्छी सैलरी वाली नौकरी होती है। इसीलिए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि छात्र ऐसे कोर्स चुनें जो सीधे रोजगार से जुड़े हों और जिनकी मांग उद्योग में लगातार बनी हुई है।
क्या पढ़ें जिससे मिले बेहतर अवसर?
अमेरिका में इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, डेटा साइंस, बिजनेस एनालिटिक्स, फाइनेंस, हेल्थकेयर, नर्सिंग और टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्सेज अभी भी सबसे अधिक जॉब-ओरिएंटेड माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में शुरुआती पैकेज ही अन्य डिग्रियों की तुलना में काफी अधिक होता है।
अमेरिका में पढ़ाई का निर्णय बड़ा निवेश है। इसलिए कोर्स चुनते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि वह डिग्री आपको रोजगार दिलाने में कितनी मदद करेगी। न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व की स्टडी भारतीय छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है—ऐसे कोर्सेज चुनें जिनसे करियर सुरक्षित हो और निवेश का पूरा लाभ मिले।




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