
उत्तराखंड सरकार राज्य के 240 हाईस्कूल टॉपर्स को देशभर के प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों के शैक्षिक दौरे पर भेज रही है। इस “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के तहत छात्र ISRO, SDSC श्रीहरिकोटा और भारत के अन्य प्रमुख तकनीकी विकास केंद्रों का दौरा करेंगे।
बीते दिनों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन छात्रों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उनसे कहा कि वे अपनी यात्रा के अनुभवों के साथ-साथ सरकार की पहली बार हासिल की गई उपलब्धियों को भी अपनी डायरी में दर्ज करें।
दूसरा ‘भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण’ कार्यक्रम
यह कार्यक्रम उत्तराखंड बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा 2025 के टॉप स्कोरर्स के लिए आयोजित किया गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, छात्र अलग-अलग समूहों में देश के विभिन्न राज्यों का दौरा करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य प्रतिभावान छात्रों को भारत की विज्ञान–तकनीक, इतिहास और संस्कृति की प्रगति को करीब से समझने का अवसर देना है।
यह इस तरह का दूसरा सरकारी स्पॉन्सर्ड शैक्षिक भ्रमण है। पिछले सत्र 2024–25 में 156 छात्र भारत के प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों का भ्रमण कर चुके हैं।
छात्र किन-किन संस्थानों में जाएंगे?
इस वर्ष कुल 240 मेधावी छात्र यात्रा पर जा रहे हैं। वे ISRO, SDSC श्रीहरिकोटा, प्रो. यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर, विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर समेत देश के विभिन्न राज्यों के अन्य तकनीकी और वैज्ञानिक संस्थान जैसे देश के प्रमुख केंद्रों का भ्रमण करेंगे।
यात्रा से पहले CM धामी का संदेश
छात्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे केवल यात्रा अनुभव ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड में पहली बार हासिल की गई उपलब्धियों को भी अपनी डायरी में दर्ज करें।
धामी ने अपनी सरकार की प्रमुख “पहली बार” उपलब्धियों का उल्लेख किया—
– देश में पहली बार UCC लागू करने वाला राज्य
– एंटी-कॉपीइंग कानून
– राज्य मदरसा बोर्ड को समाप्त करने वाला पहला राज्य
– 10,000 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराना
– चार वर्षों में 27,000 युवाओं को नौकरियां देना
– उत्तराखंड के SDGs को पूरा करने की दिशा में बड़ी प्रगति
उन्होंने कहा कि छात्रों को इन उपलब्धियों को भी विस्तार से लिखना चाहिए।
नई तकनीक और ‘न्यू इंडिया’ का अनुभव मिलेगा
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इन संस्थानों का दौरा छात्रों को यह समझने में मदद करेगा कि नया भारत कितनी तेज़ी से तकनीकी प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि किताबों से सीखना जरूरी है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव समझ को कई गुना बढ़ा देता है।
धामी ने कहा— “इस शैक्षिक भ्रमण से छात्रों में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। वे इस यात्रा के अनुभवों को जीवनभर याद रखेंगे और देशभर में उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति, खान–पान और पर्यटन के ब्रांड एम्बेसडर बनकर उभरेंगे।”




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