
पश्चिम बंगाल इन दिनों राजनीतिक बहसों के बीच पर्यटन के मोर्चे पर बड़ी सफलता दर्ज कर रहा है। केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी ‘इंडिया टूरिज्म डेटा कम्पेंडियम 2025’ के अनुसार, पश्चिम बंगाल विदेशी पर्यटकों के लिए देश का दूसरा सबसे पसंदीदा राज्य बन गया है। सूची में महाराष्ट्र पहले स्थान पर है, जबकि राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े पर्यटन राज्य भी पीछे रह गए हैं।
2024 में 31 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे बंगाल
रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2024 में बंगाल में 31 लाख विदेशी पर्यटक पहुंचे, जो 2023 के मुकाबले 14.8% अधिक है। पिछले वर्ष यह संख्या 27 लाख थी। सबसे दिलचस्प आंकड़ा यह है कि सिर्फ जनवरी से जून 2025 के बीच ही 27.11 लाख विदेशी पर्यटक राज्य में आ चुके हैं। यह तेज़ बढ़ोतरी बंगाल की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता का संकेत देती है।
रिपोर्ट में शीर्ष पाँच देशों में शामिल हैं:
अमेरिका – 80,647 पर्यटक
रूस – 79,758
ब्रिटेन – 77,792
इटली – 64,225
हैरानी की बात यह है कि इन देशों से कोलकाता के लिए सीधी उड़ानें नहीं हैं, फिर भी इतनी बड़ी संख्या में पर्यटक बंगाल आ रहे हैं। पर्यटन में इस बढ़ोतरी से राज्य की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ हो रहा है।
ममता बनर्जी ने कहा – यह बंगाल के लिए गर्व का क्षण
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने X पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “गर्व है कि पश्चिम बंगाल भारत के सबसे पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों में शामिल हो गया है। सभी घरेलू और विदेशी पर्यटक स्वागत के पात्र हैं। आइए, भारत का सबसे मीठा हिस्सा अनुभव करें।”
उन्होंने इस सफलता का श्रेय दूर्गा पूजा के UNESCO हैरिटेज टैग, बंगाल की मिष्ठी दोई, टैगोर और स्थानीय संस्कृति को दिया।
बंगाल को बदनाम करने वालों को जवाब
तृणमूल कांग्रेस सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने लिखा, “जो लोग बंगाल को बदनाम करते हैं, अब दुनिया ही बता रही है कि बंगाल कितना खूबसूरत है।”
वहीं उद्योगपति हर्ष गोयनका ने मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की— “बंगाल अब नंबर-2! गुजरात और राजस्थान भी पीछे। दुनिया मिष्ठी दोई, दुर्गा पूजा और टैगोर पर फिदा हो गई है।”
बंगाल सरकार ने पर्यटन को कैसे बढ़ाया?
राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया है।
सरकार की मुख्य रणनीतियाँ:
– विशेष पर्यटन सर्किटों का विकास ताकि पर्यटकों को अलग-अलग स्थानों तक बेहतर कनेक्टिविटी मिले
– फेस्टिवल टूरिज्म और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
– MICE टूरिज्म (मीटिंग्स–इन्सेंटिव–कन्वेंशन–एक्ज़िबिशन) पर फोकस
– सुंदरबन, दार्जिलिंग-मिरिक, ताजपुर बीच जैसे इलाकों में होमस्टे और चाय पर्यटन को बढ़ावा
– गंगा सागर, तारापीठ, दक्षिणेश्वर आदि धार्मिक स्थलों का विस्तार
– मैंगो फेयर और हस्तशिल्प मेलों के जरिए वैश्विक ब्रांडिंग
इन पहलों ने विदेशों में बंगाल के पर्यटन की पहचान मज़बूत की है।
बांग्लादेशी पर्यटकों में आई कमी चिंता का विषय
हालांकि समग्र तस्वीर सकारात्मक है, लेकिन बांग्लादेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट ने विशेषज्ञों का ध्यान खींचा है। 2023 में 21.2 लाख बांग्लादेशी पर्यटक आए थे, 2024 में यह संख्या घटकर 17.5 लाख रह गई। इस गिरावट के बाद अमेरिकी पर्यटक सूची में पहले स्थान पर पहुंच गए हैं।
पर्यटन के आंकड़े यह साफ दिखाते हैं कि दुनिया भर के पर्यटकों में पश्चिम बंगाल के प्रति आकर्षण तेजी से बढ़ रहा है। सांस्कृतिक धरोहर, त्योहारों की भव्यता, प्राकृतिक सौंदर्य और सरकार की रणनीति ने मिलकर बंगाल को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाया है। इस उपलब्धि के साथ राज्य ने न केवल आर्थिक लाभ हासिल किया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत किया है।




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