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मेडिकल टूरिज्म है करियर का हॉट केक

विगत कुछ वर्षों में भारत मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में दुनिया को आकर्षित करने में सफल रहा है। वजह स्पष्ट है। सस्ते और गुणवत्ता स्वासथ्य सेवा के कारण दुनियाभर से लोग यहां इलाज करवाने आ रहे हैं। हर साल लाखों की संख्या में आने वाले मेडिकल टूरिस्ट की वजह से इस फील्ड में जॉब के मौके भी खूब देखे जा रहे हैं। यही वजह है कि स्नातक डिग्री वाले ही नहीं बल्कि इस फिल्ड से संबंधित डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले भी इसमें शानदार करियर बना लेते हैं। ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन, बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप और कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज की एक ज्वाइंट रिपोर्ट के अनुसार, 2025 तक हेल्थकेयर सेक्टर में करीब 50 मिलियन से ज्यादा जॉब जेनरेट होने का अनुमान है। उम्मीद की जा रही है कि दुनिया के दूसरे विकसित देशों के मुकाबले भारत में उपलब्ध सस्ते स्वास्थ्य सेवा के कारण यह मेडिकल टूरिज्म का ग्लोबल हब बन सकता है। हर साल लाखों की तादाद में मेडिकल ट्रैवलर्स या पर्यटक भारत का दौरा करते हैं। करीब 60 से ज्यादा देशों के मरीज यहां इलाज कराने आते हैं। इस तरह ग्लोबल टूरिज्म में भारत का हिस्सा लगभग तीन प्रतिशत है। यही कारण है कि यह कोर्स करियर के हिसाब से हॉट केक बनता जा रहा है।  

क्या है मेडिकल टूरिज्म

मेडिकल टूरिज्म के अंतर्गत टूरिज्म इंडस्ट्री और मेडिकल केयर के सहयोग से विदेशी या देशी पर्यटकों को कम खर्च पर मेडिकल की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। ट्रीटमेंट के साथ-साथ सैलानियों को उस जगह या देश में घुमने का मौका भी दिया जाता है। उन्हें अपने घर जैसा एहसास कराया जाता है। लोकेशन या ट्रीटमेंट प्रोसिजर के आधार पर मेडिकल वैकेशन में विदेशी सैलानियों की 10 से लेकर 50 प्रतिशत तक की बचत हो जाती है। वहीं, मेडिकल टूरिज्म प्रोवाइडर्स लोगों को मेडिकल फैसिलिटी, सुरक्षा और कानूनी पहलु के अलावा हॉस्पिटल्स, क्लीनिक्स, डॉक्टर्स, ट्रैवल एजेंसीज, रिजॉट्स, यात्रा बीमा आदि की जानकारी देता है। इस तरह वह मरीज और हेल्थकेयर प्रोवाइडर के बीच सेतु का काम करता है। पूरे मेडिकल ट्रिप, ट्रीटमेंट के अलावा टूरिज्म एक्टिविटीज की प्लानिंग भी करता है।

शैक्षणिक योग्यता

अगर आपका मेडिकल टूरिज्म के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं तो आप हायर सेकंडरी अथवा स्नातक के बाद मेडिकल टूरिज्म से रिलेटेड कोर्स कर सकते हैं। इंडिया में कई संस्थान मेडिकल टूरिज्म में सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और एमबीए जैसे कोर्स कराते हैं। पीजी कोर्स हैं – एमए इन टूरिज्म, पीजी डिप्लोमा इन ट्रैवल मैनेजमेंट, पीजी सटिर्फिकेट कोर्स इन ट्रैवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट। स्नातक कोर्स – इंटिग्रेटेड ग्रेजुएट कोर्स इन टूरिज्म, बैचलर इन टूरिज्म एडमिनिस्ट्रेशन, बैचलर ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट। डिप्लोमा कोर्स – डिप्लोमा इन ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन टूरिज्म मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन टूरिज्म एंड डेस्टिनेशन, इसके अलावा कई सर्टिफिकेट कोर्स भी कराए जाते हैं।

करियर अपॉच्र्युनिटी

मेडिकल टूरिज्म प्रोफेशनल्स के लिए हेल्थकेयर के अलावा टूरिज्म सेक्टर में संभावनाओं की कमी नहीं है। आप गेस्ट रिलेशनशिप मैनेजर, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर, मेडिकल टूर कंसल्टेंट, स्पा थेरेपिस्ट, मैनेजर, पब्लिक रिलेशन पर्सनल, ट्रैवल एडवाइजर, इंश्योरेंस फैसिलिटेटर, एंटरप्रेटर, शेफ के तौर पर गवर्नमेंट या प्राइवेट हॉस्पिटल, ट्रैवल फर्म, एयरलाइंस, होटल्स, स्पा सेंटर में काम कर सकते हैं।

वेतनमान

नीजी अस्पतालों अथवा ट्रेवल ऐजेंसी में फ्रेशर को शुरुआत में 10 से 15 हजार रुपये मिल जाते हैं। बड़े इंस्टीट्यूट्स तो आजकल कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा भी दे रहे हैं। कैंपस प्लेसमेंट होने पर पैकेज्ड सैलरी मिलती है। इन डिग्रियों का एक फायदा यह भी है कि आप सूचना क्रांति के इस जमाने में अपना कारोबार भी शुरू कर सकते हैं। वैसे, काफी कुछ कंपनी में नियुक्ती आपके अपने योग्यता और अनुभव पर निर्भर करता है। इस फील्ड में आप कम से कम 20 हजार रुपये से शुरुआत कर सकते हैं। वहीं, एमबीए व ग्रेजुएट्स को उनके अनुभव के अनुसार, 30 से 50 हजार रुपये के बीच में आसानी से मिल सकता है।

कहां से करें कोर्स

– दिल्ली यूनिवर्सिटी

– बीएचयू, वाराणसी

– हिमाचल यूनिवर्सिटी, शिमला

– स्कूल ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट, झांसी

– भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली

– वाईडब्लूसीए, नई दिल्ली

– केरल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल स्टडीज

– इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट, नई दिल्ली

रईस अहमद 'लाली'

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