
दिल्ली में सरकारी ज़मीनों पर बने प्राइवेट स्कूलों द्वारा बिना पूर्वानुमति के 100 प्रतिशत तक फीस बढ़ाए जाने के सम्बन्ध में दिल्ली पेरेंट्स एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमण्डल एडिशनल डायरेक्टर एजुकेशन पाटिल प्रांजल से मुलाक़ात कर अपना पक्ष रखा।
इस प्रतिनिधिमण्डल में एसोसिएशन की अध्यक्ष अपराजिता गौतम व संतराम ने कमिटी के मेंबर के रूप में उपस्थिती दर्ज़ करवाई। इसके अतिरिक्त महाराजा अग्रसेन स्कूल पीतमपुरा व अशोक विहार के पेरेंट्स भी इसमें सम्मिलित थे।
एसोसिएशन के प्रतिनिधिमण्डल ने एडिशनल डायरेक्टर एजुकेशन पाटिल प्रांजल को सरकारी ज़मीनों पर बने स्कूलों में शिक्षा विभाग के प्राइवेट स्कूल ब्रांच की मिलीभगत को दस्तावेजों के माध्यम से आंकड़ों के साथ समझाया। जहाँ DDE PSB द्वारा पिछले वर्षों की फीस बढ़ाने के प्रपोजल पर 3-4 वर्षों बाद फीस बढ़ाने की अनुमति दी जिसके चलते पेरेंट्स पर 50-60% का अतिरिक्त भार पड़ा। इसके अतिरिक्त महाराजा अग्रसेन स्कूल पीतमपुरा की फीस बढ़ोतरी का ब्यौरा देते हुए ये साबित करने का प्रयास किया गया कि स्कूल द्वारा पेरेंट्स से फीस 94% बढ़ाकर ली जा रही है जबकि 2015 के बाद से केवल एक बार 10% बढ़ोतरी की अनुमति मिली है।
एसोसिएशन ने स्कूलों में डमी पीटीए (DUMMY PTA), गैर मान्यता प्राप्त मदों में नकद में ली जा रही फीस, शिकायतों पर शिक्षा अधिकारियों की चुप्पी, गैर कानूनी फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को मौन स्वीकृति, स्कूलों के आदेशों का समय पर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं होना, मध्य सत्र में फीस बढ़ोतरी आदि अन्य मुख्य मुद्दों पर भी चर्चा की। साथ ही मांग की गयी कि PSB ब्रांच के पूर्व आला अधिकारियों की विजिलेंस जाँच, अन्य शिक्षा अधिकारियों की स्कूलों के साथ लिप्तता की जाँच, गैरकानूनी रूप से ली गयी अतिरिक्त फीस की तुरंत वापसी, स्कूलों को अनुमति प्राप्त फीस का head wise breakup EDUDEL पर अपलोड, स्कूलों को केवल अनुमति प्राप्त फीस लेने के सख्त आदेश देने, आदेश की अवहेलना पर स्कूल सोसाइटी पर चेतावनी के साथ अर्थदंड, और बाद में TAKEOVER, सभी स्कूलों का CAG audit कराया जाए। प्रतिनिधिमंडल को एडिशनल डायरेक्टर एजुकेशन द्वारा ऐसे स्कूलों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।




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